BY: Yoganand Shrivastva
Dehli news: बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक घटनाओं के बीच भारत ने अपनी सीमाओं पर सतर्कता बढ़ा दी है। भारत विरोधी नारों और घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय सेना के पूर्वी कमान ने भारत–बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की है।
पूर्वी कमान प्रमुख ने किया सीमा क्षेत्र का दौरा
भारतीय सेना के पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आर सी तिवारी ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ भारत–बांग्लादेश सीमा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों से मुलाकात कर मौजूदा हालात की जानकारी ली।
बांग्लादेश में हिंसा से बढ़ी चिंता
बांग्लादेश में शेख हसीना के विरोध में हुए आंदोलन के एक प्रमुख नेता की मौत के बाद कई इलाकों में हिंसा फैल गई है। इससे पहले भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाने की कोशिश भी सामने आ चुकी है। बड़ी संख्या में लोग भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं, जिससे सीमा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
मिजोरम में सुरक्षा समीक्षा बैठक
पूर्वी कमान प्रमुख ने मिजोरम के परवा क्षेत्र में असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल की चौकी का दौरा किया। यहां उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
इस दौरान सीमा प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
त्रिपुरा में सीमा चौकी का निरीक्षण
लेफ्टिनेंट जनरल आर सी तिवारी ने दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया क्षेत्र स्थित सीमा चौकी का भी दौरा किया। यहां भारत–बांग्लादेश सीमा की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने भारतीय सेना, असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की।
हर चुनौती से निपटने को तैयार भारतीय सेना
दौरे के दौरान सेना कमांडर ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां किसी भी उभरती स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत किया गया है, ताकि देश की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।





