by: aakash sen
Convocation Ceremony : उज्जैन: धर्म और शिक्षा की नगरी उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु अर्पण भारद्वाज, सांसद अनिल फिरोजिया सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Convocation Ceremony : मेधावी छात्रों का सम्मान और नवीन भवनों का लोकार्पण
समारोह के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने कुल 379 मेधावी विद्यार्थियों को डिग्री, मेडल और उपाधियाँ प्रदान कीं। इस दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा लिखित विभिन्न पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। साथ ही, शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए कृषि अध्ययन शाला के नवीन भवन का भव्य लोकार्पण भी संपन्न हुआ।
Convocation Ceremony : शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं: राज्यपाल
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा “शिक्षा ग्रहण करना सिर्फ रोजगार पाने का जरिया नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनना है। विद्यार्थी अपनी उपलब्धियों से अपने परिवार और प्रदेश का गौरव बढ़ाएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।

Convocation Ceremony : मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं: महाकाल के आशीर्वाद से होगा नवाचार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली है और यहाँ का इतिहास गौरवशाली है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.

₹51 लाख की सहायता: महाकालेश्वर मंदिर में चढ़ाए गए फूलों (निर्माल्य) से अगरबत्ती और अन्य उत्पाद बनाने वाली मशीनों के निर्माण के लिए विश्वविद्यालय को 51 लाख रुपये देने की घोषणा। कृषि विभाग को आधुनिकता: कृषि अध्ययन शाला के लिए 5 ड्रोन और एक अत्याधुनिक सर्वसुविधायुक्त बस उपलब्ध कराई जाएगी।
ये भी जानिए CM डॉ. यादव ने स्व. गुरकीरत के परिजनों से की बात, हरसंभव सहायता का दिया आश्वासन

