BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर: रहने वाली डॉ. रोहिणी घावरी ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के सांसद चंद्रशेखर आजाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ‘ब्राह्मण बेटियों’ से जुड़े हालिया बयान को लेकर रोहिणी ने सांसद पर समाज को गुमराह करने और भड़काऊ राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चंद्रशेखर को फर्जी अंबेडकरवादी तक बता डाला।
डॉ. रोहिणी ने कहा कि उनके साथ सार्वजनिक रूप से अपमान किया गया और आज तक सांसद अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे हैं। यह प्रतिक्रिया दतिया में 5 दिसंबर को दिए गए सांसद के एक बयान के बाद सामने आई है, जिसके बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।
रोहिणी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वह वाल्मीकि समाज की बेटी हैं और उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाला व्यक्ति आज समाज को सम्मान की सीख दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति दलित बेटियों का सम्मान नहीं कर सका, वह ब्राह्मण समाज की बेटियों का सम्मान कैसे करेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका सार्वजनिक रूप से चरित्र हनन किया गया और इसके जिम्मेदार लोग सभी को मालूम हैं।
उन्होंने आगे लिखा कि पहले अपने ही समाज के भीतर रोटी-बेटी का रिश्ता मजबूत किया जाए, फिर मंच से दूसरे समाज को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की जाएं। घर के अंदर सुधार किए बिना समाज को भड़काने वाले भाषण देना गलत है।
दतिया के बयान के बाद तेज हुआ विवाद
यह पूरा विवाद 5 दिसंबर को दतिया के इंदरगढ़ में हुई एक सभा के बाद और गहरा गया। वहां सांसद चंद्रशेखर ने अपने भाषण में कहा था कि हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा और जातिवाद तोड़ने के लिए रोटी-बेटी के संबंध जरूरी हैं। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिसके बाद रोहिणी ने भी खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
वकील अनिल मिश्रा ने भी जताई नाराजगी
एडवोकेट अनिल मिश्रा ने भी इस पूरे मामले पर आपत्ति जताते हुए लिखा कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो आज कुछ लोग समाज के सम्मान को चुनौती देने की हिम्मत नहीं करते। उन्होंने व्यवस्था की ढिलाई को भी इसके लिए जिम्मेदार बताया।
तीन महीने पहले सुसाइड की धमकी भी दे चुकी हैं रोहिणी
करीब तीन महीने पहले डॉ. रोहिणी ने सोशल मीडिया मंच पर लगातार कई पोस्ट करते हुए आत्महत्या की धमकी दी थी। एक पोस्ट में उन्होंने सांसद चंद्रशेखर, उनकी पत्नी और बच्चे की तस्वीर साझा करते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग कर यह भी लिखा था कि उनकी किसी ने नहीं सुनी और सब आरोपी का साथ देते रहे।





