रिपोर्ट: देवेन्द्र जायसवाल
इंदौर: मतदाता सूची के सत्यापन से जुड़ी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के पीछे सरकार की राजनीतिक मंशा है, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उधर कलेक्टर ने कहा कि मतदाता सूची से डेढ़ लाख मतदाता जो अब नहीं है उनके नाम काटे जा रहे हैं।
दरअसल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में इंदौर की 9 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल 4,17,717 वोटों का अंतर था, जबकि हाल ही में हुई एसआईआर प्रक्रिया में जिले से 5 लाख 68 हजार मतदाता गायब पाए गए। कांग्रेस का कहना है कि यह अंतर खुद सिद्ध करता है कि मतदाता सूची में हेराफेरी कर सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाया गया। वही प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रशासन से मांग करी है कि जिन भी मतदाताओं की एसआईआर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है या जो अपने पते पर नहीं मिले हैं, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि इन नामों को भविष्य में बिना जांच के मतदाता सूची में दोबारा शामिल न किया जा सके। वही एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी चरण जनता के सामने रखे जाएं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है, और यदि इसमें ही गड़बड़ियां होंगी तो चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





