BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: बिहार के बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोकामा-मुंगेर सेक्शन पर 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाइवे प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर विकसित करने की स्वीकृति मिली।
कुल 82.4 किलोमीटर लंबा यह सेक्शन लगभग 4,447.38 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह हाइवे मोकामा, बड़हिया, लखीसराय, जमालपुर और मुंगेर जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा और इन्हें भागलपुर से जोड़ेगा।
पूर्वी बिहार में बढ़ते औद्योगिक अवसर
मुंगेर-जमालपुर-भागलपुर इलाका अब एक उभरते हुए औद्योगिक हब के रूप में पहचान बना रहा है। यहां रक्षा मंत्रालय के अधीन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कॉरिडोर, जमालपुर का लोकोमोटिव वर्कशॉप, मुंगेर में आईटीसी का फूड प्रोसेसिंग प्लांट, और लॉजिस्टिक्स-वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रोजेक्ट क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि को गति दे रहे हैं।
भागलपुर अपने प्रसिद्ध भागलपुरी सिल्क उद्योग और प्रस्तावित टेक्सटाइल इकोसिस्टम की वजह से कपड़ा उद्योग का बड़ा केंद्र बन रहा है, जबकि बड़हिया खाद्य प्रसंस्करण और एग्रो-वेयरहाउसिंग का नया केंद्र उभर रहा है।
हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से यात्रा समय घटेगा
यह 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर 100 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और औसतन 80 किमी प्रति घंटे की गाड़ी की गति को सपोर्ट करेगा। इससे कुल यात्रा समय लगभग 1.5 घंटे कम हो जाएगा। इस सड़क के निर्माण से मालवाहक और यात्री वाहनों दोनों को तेज, सुरक्षित और निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।
रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से निर्माण के दौरान लगभग 14.83 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष रोजगार और 18.46 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इसके अलावा, हाईवे के आसपास बढ़ने वाली औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों से अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।





