BY: MOHIT JAIN
रविवार को बांग्लादेश में 4.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिसका केंद्र बांग्लादेश में था, लेकिन यह भारत की सीमा के बेहद करीब था। भूकंप के झटके भारत के कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी महसूस किए गए।
विशेषकर मेघालय में इसका असर सबसे अधिक देखा गया। हालांकि, अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय समयानुसार सुबह 11:49 बजे भूकंप महसूस किया गया।
भूकंप से प्रभावित क्षेत्र:
- मेघालय
- त्रिपुरा
- असम
- मिजोरम
इन राज्यों में लोग अचानक हिलती धरती के कारण हैरान रहे, लेकिन किसी भी प्रकार के चोट या नुकसान की सूचना नहीं मिली।
EQ of M: 4.0, On: 21/09/2025 11:49:36 IST, Lat: 25.04 N, Long: 91.57 E, Depth: 10 Km, Location: Bangladesh.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) September 21, 2025
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भूकंप क्यों आते हैं?
पिछले कुछ समय में दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। पृथ्वी की सतह पर 7 मुख्य टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार चलती रहती हैं। कभी-कभी ये प्लेट्स आपस में टकराती या घर्षण करती हैं, जिससे भूकंप आते हैं।
भूकंप का सबसे अधिक असर आम जनता पर पड़ता है। बड़ी तीव्रता के भूकंप में मकान गिर सकते हैं और गंभीर नुकसान हो सकता है।
भारत में भूकंप संवेदनशील क्षेत्र
भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का लगभग 59% हिस्सा भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। वैज्ञानिकों ने भारत के भूकंप क्षेत्र को चार जोन में बांटा है:
- जोन-2: कम संवेदनशील
- जोन-3: मध्यम संवेदनशील
- जोन-4: अधिक संवेदनशील
- जोन-5: अत्यधिक संवेदनशील
दिल्ली जैसी राजधानी जोन-4 में आती है, जहां 7 से अधिक तीव्रता के भूकंप की संभावना रहती है। हिमालय क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत की फॉल्ट लाइनों के कारण यहां भूकंप का खतरा अधिक है।
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता
- 4.0–4.9: घर में रखा सामान गिर सकता है।
- 5.0–5.9: भारी फर्नीचर हिल सकता है।
- 6.0–6.9: इमारत का बेस दरक सकता है।
- 7.0–7.9: इमारतें गिर सकती हैं।
इस भूकंप ने याद दिलाया कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा किसी भी समय आ सकती है। इसलिए सुरक्षा उपायों को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।





