Report: Punit sen
Anuppur : जिला मुख्यालय स्थित विकलांग (दिव्यांग) छात्रावास में व्यवस्थाओं और अनुशासन के दावों के बीच एक बड़ा विवाद सामने आया है। यहाँ कार्यरत एक महिला रसोईया ने छात्रावास अधीक्षक की कार्यप्रणाली और व्यवहार से परेशान होकर जहर खा लिया। महिला को आनन-फानन में अनूपपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने में जुटी है। इस घटना के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
Anuppur गैस सिलेंडर की मांग पर शुरू हुआ ‘विवाद’
घटनाक्रम की शुरुआत एक विशेष भोज कार्यक्रम के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पार्वती राठौर द्वारा छात्रावास में भोज का आयोजन किया गया था।
- गैस की कमी: कार्यक्रम के लिए सामग्री उपलब्ध कराई गई, लेकिन रसोईया ने खाना बनाने के दौरान गैस खत्म होने की जानकारी दी और नए सिलेंडर की मांग की।
- अधीक्षक का गुस्सा: रसोईया का आरोप है कि जब उसने गैस की मांग की, तो छात्रावास अधीक्षक ने समाधान निकालने के बजाय उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
Anuppur प्रताड़ना से तंग आकर उठाया आत्मघाती कदम
महिला कर्मचारी का आरोप है कि अधीक्षक द्वारा सबके सामने दी गई गालियों और लगातार की जा रही मानसिक प्रताड़ना के कारण वह गहरे सदमे में चली गई।
- जहरीला पदार्थ खाया: अपमान से आहत होकर महिला ने छात्रावास परिसर में ही जहरीला पदार्थ निगल लिया।
- अस्पताल में भर्ती: महिला की तबीयत बिगड़ती देख उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुँचाया गया। परिजनों का कहना है कि काम के दबाव और अधीक्षक के अमानवीय व्यवहार के कारण वह लंबे समय से परेशान थी।
Anuppur विभाग और पुलिस की जांच के दायरे में अधीक्षक
छात्रावास के भीतर हुई इस घटना ने प्रशासनिक प्रबंधन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
- अधीक्षक की भूमिका: मामले में अब छात्रावास अधीक्षक की भूमिका की जांच की जा रही है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष के कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
- आगे की कार्रवाई: पुलिस अस्पताल में महिला के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। यदि प्रताड़ना के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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