पुलिस ने भीम आर्मी के नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संविधान में संशोधन के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। कई भीम आर्मी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है।

अमेठी के जामों क्षेत्र में पुलिस ने भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष आजाद अरुण अंबेडकर को हाउस अरेस्ट में रखा है। इसके अलावा अयोध्या मंडल अध्यक्ष अरुण शास्त्री सहित कई अन्य पदाधिकारियों को भी उनके घरों में नजरबंद किया गया है। इन सभी के घरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।
पुलिस की कोशिश है कि लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में कोई भी नेता शामिल न हो सके। भीम आर्मी ने आज लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी की थी, जिसके लिए पूरे राज्य से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए नेताओं को रोकने की रणनीति अपनाई।
भीम आर्मी पर पुलिस की सख्ती और नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।
1. लखनऊ में संभावित विरोध प्रदर्शन
भीम आर्मी ने लखनऊ में बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई थी, जिसमें पूरे राज्य से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। प्रशासन को अंदेशा हो सकता है कि यह प्रदर्शन बड़ा रूप ले सकता है और कानून-व्यवस्था पर असर डाल सकता है। आमतौर पर संवेदनशील मुद्दों पर जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटते हैं, तो सरकार और प्रशासन पहले से ही सुरक्षा उपाय अपनाते हैं।
2. राजनीतिक अस्थिरता का डर
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ हो सकता है। सरकार नहीं चाहती कि कोई भी आंदोलन सामाजिक या जातीय तनाव को बढ़ावा दे। भीम आर्मी का दलित राजनीति में प्रभाव बढ़ रहा है, और ऐसे किसी भी प्रदर्शन से सरकार के खिलाफ माहौल बनने का खतरा हो सकता है।
3. संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौती
अगर प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू होते हैं, तो प्रशासन के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता है। भीम आर्मी का प्रदर्शन कई बार उग्र रूप ले चुका है, इसलिए सरकार पहले से ही रोकथाम की रणनीति अपना रही है।
4. चुनावी और राजनीतिक समीकरण
अगर यूपी में कोई बड़ा चुनाव या राजनीतिक गतिविधि होने वाली है, तो सरकार नहीं चाहती कि कोई बड़ा प्रदर्शन माहौल बदल दे। ऐसे समय में कोई भी बड़ा विरोध सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए प्रीवेंटीव एक्शन यानी पूर्व-रोकथाम की रणनीति अपनाई गई है।
5. पिछले आंदोलनों का अनुभव
भीम आर्मी के कुछ पिछले प्रदर्शनों में रास्ता जाम, तोड़फोड़ या पुलिस के साथ टकराव की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में प्रशासन को आशंका हो सकती है कि यह प्रदर्शन भी बेकाबू हो सकता है।
सरकार नहीं चाहती कि लखनऊ में कोई बड़ा प्रदर्शन हो, जो कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने या सरकार के खिलाफ माहौल बनाए। इसलिए भीम आर्मी नेताओं को नजरबंद कर पुलिस ने प्रदर्शन को कमजोर करने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि क्या भीम आर्मी आगे कोई नया कदम उठाती है या फिर प्रशासन की इस रणनीति से प्रदर्शन पूरी तरह से थम जाएगा।