agnipath 20 march : प्रीमियम पेट्रोल 2.35 रू, इंड्रस्टियल डीजल 22 रू. महंगा

प्रमोद श्रीवास्तव, एडिटोरियल हेड
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agnipath 20 march : भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है। देश अपनी कुल कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 80-85 % और LPG का लगभग 60 % हिस्सा विदेशों से मंगवाता है। ऐसे में अब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है।
सरकार के तमाम दावों के बावजूद एलपीजी संकट ने लोगों के सामने नई मुश्किलें खड़ी कीं। तो वहीं अब तेल को लेकर भी कमी के साथ ही कीमतें बढ़ने का संकट बन रहा है। दरअसल मिडिल ईस्ट में युद्ध और सप्लाई चेन पर असर से भारत में LPG संकट के साथ-साथ तेल याने क्रूड ऑयल को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है। अमेरिका और इजराइल की ईरान के साथ जारी जंग के बीच आज कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है।
हालांकि अभी भी ये 100 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। ब्रेट क्रूड आज 2 फीसदी गिरकर 107 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। फारस की खाड़ी से होने वाली सप्लाई रुकने की वजह से ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट के दाम कल 6 % से ज्यादा बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गए थे। वहीं इंडियन बास्केट की कीमतें 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है।
agnipath 20 march : तेल के बढ़े दाम, भारत में महंगाई की मार, LPG गैस के बाद अब तेल का संकट
खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर ईरान के हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई थी। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत तेल आयात करता है, जिसके लिए हमें डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ी और रुपया कमजोर हो गया है। उधर भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल 2 रूपये 35 पैसे प्रति लीटर तक महंगा कर दिया गया है।
इंडियन ऑयल, HP और भारत पेट्रोलियम ने दाम बढ़ाए गए हैं, हालांकि राहत की बात ये है कि सामान्य पेट्रोल पुरानी कीमत पर ही मिलेगा। लेकिन भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई है इसके बढ़ने से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 10-15 रुपए बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
agnipath 20 march : LPG के बाद तेल की कीमतों पर भी असर, भारत में 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची कीमत
भारत इराक, सऊदी अरब, रूस, UAE से तेल खरीदता हैं। भारत ने एलपीजी गैस लेकर तेल की आपूर्ति की रफ्तार बढ़ा दी है। इसके लिए अब पश्चिम एशिया पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। ऊर्जा आपूर्ति में आ रही बाधाओं के बीच सरकार का कहना है कि वह हालात को सामान्य करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का असर क्या भारत की अर्थव्यवस्था के लिये बुरी खबर हैं। हम इसी मुद्दे पर चर्चा करेंगे लेकिन पहले बयान सुन लेते हैं।
agnipath 20 march : ‘कम तेल में ज्यादा काम’ की नीति पर जोर
- • कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों में अस्थिरता
- • दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता भारत
- • अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है भारत
- • मध्य पूर्व के खाड़ी देशों पर है भारत में क्रूड ऑयल की तेल निर्भरता
- • अब रूस, अमेरिका और अफ्रीका से भी तेल खरीद बढ़ाई जा रही
- • भारत ने आपात स्थिति के लिए बनाए हैं बड़े तेल भंडार
- • सरकार इन भंडारों को और बढ़ाने पर काम कर रही
- • अपने तेल और गैस के नए भंडार खोजने पर काम कर रहा भारत
- • तेल पर निर्भरता कम करने के लिए भारत सौर और पवन ऊर्जा पर जोर
- • इंटरनेशनल सोलर अलायंस के जरिए वैश्विक नेतृत्व भी कर रहा भारत
- • आने वाले वर्षों में ऊर्जा का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से आए ये लक्ष्य
- • पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए लागू की गई है EV नीति
- • ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों को नई तकनीक के साथ उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
- • उद्योग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में ईंधन की खपत कम करने के किए जा रहे उपाय
agnipath 20 march : अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर
• भारत में बढ़े पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम
• जंग के चलते क्रूड दोगुना, 146 डॉलर पहुंचा
• सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने बढ़ाई कीमतें
• स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं
• शुक्रवार को ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ाईं कीमतें
• प्रीमियम पेट्रोल की बढ़ी कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू
• कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से बढ़ी कीमतें
• हमले से कतर का प्लांट बंद, यूरोप में गैस की कीमत 30% बढ़ी
• नई दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 107 से 112.30 रु. / L
• मुंबई में प्रीमियम पेट्रोल 115-120.30 रुपए प्रति लीटर
• चेन्नई में 112-117.30 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है।
• सामान्य पेट्रोल पुराने दाम, इनके दामों में बदलाव नहीं
agnipath 20 march : निम्नलिखित देशों पर निर्भर है भारत
- कच्चा तेल (Crude Oil)
• भारत 40 से अधिक देशों से तेल खरीदता है, लेकिन मुख्य आपूर्ति इन देशों से होती है।
• रूस – भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता, जिसके कुल आयात का लगभग 32-37% हिस्सा
• इराक – दूसरा सबसे बड़ा स्रोत, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 17-23% है।
• सऊदी अरब – भारत के लिए एक प्रमुख और भरोसेमंद पार्टनर, करीब 17-18% तेल की आपूर्ति।
• संयुक्त अरब अमीरात (UAE) – इसकी हिस्सेदारी लगभग 8-10 प्रतिशत
• अमेरिका, कुवैत और अफ्रीका (जैसे नाइजीरिया, अंगोला) से भी तेल आयात करता है भारत। - LPG गैस
• LPG के लिए भारत की निर्भरता मुख्य रूप से खाड़ी देशों पर, जहां से 90 % आयात।
• कतर और UAE – ये भारत के सबसे बड़े गैस आपूर्तिकर्ता हैं।
• 2025 के आंकड़ों के अनुसार, UAE से लगभग 40% और कतर से 22% आयात हुआ।
• सऊदी अरब और कुवैत – इन दोनों देशों से लगभग 15-15% LPG आयात ।
• अमेरिका – 2026 तक भारत की कुल LPG जरूरत का लगभग 10% आएगा।
• नए विकल्प – नॉर्वे, कनाडा और रूस जैसे देशों से भी LPG आयात बढ़ाने पर काम कर रहा भारत।
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