BY: MOHIT JAIN
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भारत के बारे में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ज्यादातर यूक्रेन के पक्ष में है और ऊर्जा को लेकर कुछ मतभेद हैं, जिन्हें सुलझाया जा सकता है।
जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय में आया है जब युद्ध में दोनों देशों के बीच हमले लगातार बढ़ रहे हैं और वैश्विक ध्यान इस संघर्ष की ओर केंद्रित है।
भारत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूरोप को भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को वैश्विक मंच पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इससे पहले जेलेंस्की ने चीन को रूस पर दबाव बनाने की सलाह भी दी थी, ताकि युद्ध को समाप्त किया जा सके। उनका कहना था कि अगर चीन सच में चाहता है कि संघर्ष रुके, तो उसे रूस पर कार्रवाई करनी होगी।
पीएम मोदी से हुई हालिया बातचीत
हाल ही में, जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर वार्ता की थी। इस बातचीत में यूक्रेन में हालिया घटनाक्रम और वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई बातचीत पर विचार साझा किए गए।
जेलेंस्की ने ट्वीट किया:
“मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि यूरोपीय नेताओं के साथ हुई बातचीत में साझेदारों ने वास्तविक शांति प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की। मॉस्को ने नागरिक ठिकानों पर निंदनीय हमले किए हैं, और हम पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।”
मजबूत कार्रवाई और बहुस्तरीय सुरक्षा की आवश्यकता
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने पिछले सप्ताह यह भी जानकारी दी कि रूस ने यूक्रेन पर 3,500 से अधिक ड्रोन, 2,500 ग्लाइड बम और लगभग 200 मिसाइलें दागी हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि यूरोप के आकाश की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली तैयार की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए निवेश और सभी साझेदारों की सशक्त कार्रवाई और इच्छाशक्ति की जरूरत है।
यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच, जेलेंस्की का भारत के प्रति सकारात्मक रुख वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण संदेश है। यह न केवल भारत-यूक्रेन संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि यूरोपीय सुरक्षा रणनीति में भी अहम भूमिका निभा सकता है।





