BY: MOHIT JAIN
एशिया कप 2025 का भारत-पाकिस्तान मुकाबला रविवार को दुबई में होने जा रहा है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच रोमांच से भरा है, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले से आहत परिवार इस आयोजन से बेहद दुखी और नाराज हैं। उनका कहना है कि जब देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है, तब खेल के नाम पर पाकिस्तान से कोई रिश्ता नहीं होना चाहिए।
पहलगाम आतंकी हमले में अपने पति और बेटे को खो चुकीं किरण यतीश परमार ने सरकार से सवाल करते हुए कहा:
“जब तक ऑपरेशन सिंदूर जारी है, तब तक पाकिस्तान से मैच क्यों? जिन्होंने अपने परिवार को खोया है, उनके घाव अभी तक भरे नहीं हैं।”
#WATCH | Bhavnagar, Gujarat: On the India vs. Pakistan match in the Asia Cup 2025 to be held today, Kiran Yatish Parmar, who lost her husband and son in the Pahalgam terror attack, says, "… This match should not happen. I want to ask Prime Minister Modi, Operation Sindoor has… pic.twitter.com/LMuFUc2LN9
— ANI (@ANI) September 14, 2025
“हमारे जख्म अब भी ताजा हैं”
किरण यतीश परमार का दर्द अब भी कम नहीं हुआ। उनका कहना है कि ऐसे मैचों से आतंकवाद के जख्म और गहरे हो जाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि देश को शहीदों के परिवारों के दर्द को समझना चाहिए, न कि क्रिकेट जैसे आयोजनों से उसे अनदेखा करना चाहिए।
“पहले मेरा भाई वापस लाकर दिखाइए” – सावन परमार
पहलगाम हमले में पिता और 16 वर्षीय भाई को खो चुके सावन परमार ने कहा कि पाकिस्तान से किसी भी तरह का संबंध रखना सही नहीं है।
“अगर सच में मैच खेलना जरूरी है, तो पहले मेरा भाई वापस लाकर दिखाइए, जिसे गोलियों से छलनी कर दिया गया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए। पाकिस्तान आतंकी देश है, उससे कोई रिश्ता नहीं होना चाहिए।”
#WATCH | Bhavnagar, Gujarat: On the India vs. Pakistan match in the Asia Cup 2025 to be held today, Sawan Parmar, who lost his father and brother in the Pahalgam terror attack, says, "… When we got to know the India vs Pakistan match is being organised, we were very disturbed.… pic.twitter.com/lQv0ZwZTIK
— ANI (@ANI) September 14, 2025
ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल
हमले में अपने परिजनों को खो चुके कई परिवारों का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी कार्रवाइयों का क्या फायदा, जब आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश के साथ खेल के मैदान में दोस्ती दिखाई जा रही है।
“हमें लगने लगा है कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ नाम का है। अगर सच में आतंकवाद का सफाया करना है, तो ऐसे मैचों का बहिष्कार करना चाहिए।”
क्रिकेट बनाम सुरक्षा बहस
एशिया कप 2025 का यह मैच सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रह गया है। यह सुरक्षा, आतंकवाद और देश की नीति पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। एक तरफ करोड़ों फैन्स इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शहीद परिवार इस आयोजन को अपने जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा मान रहे हैं।





