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छांगुर बाबा का धर्मांतरण रैकेट: एलईडी पर चलता था तीन घंटे का शो, देवी-देवताओं का करता था अपमान

BY: Yoganand Shrivastva

उत्तर प्रदेश में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन से जुड़े धर्मांतरण रैकेट को लेकर रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, छांगुर युवाओं को भड़काने और ब्रेनवॉश करने के लिए हाई-टेक तरीके अपनाता था। उसकी कोठी में बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं, जिन पर धार्मिक उन्माद फैलाने वाले वीडियो नियमित तौर पर चलाए जाते थे।


तीन घंटे चलता था शो, दिखाए जाते थे भड़काऊ वीडियो

जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा की कोठी में तीन-तीन घंटे के शेड्यूल में वीडियो शो दिखाए जाते थे। इन वीडियो में जाकिर नाईक और अन्य कट्टरपंथी मौलानाओं की तकरीरें होती थीं। वीडियो के बाद छांगुर खुद युवाओं को संबोधित करता और हिंदू देवी-देवताओं और मूर्ति पूजा पर आपत्तिजनक बातें कहता था।

सूत्रों के अनुसार, यह सब एक सुनियोजित एजेंडे के तहत किया जा रहा था। खास बात यह है कि 2023 में एजेंसियों की नजर पड़ने के बाद उसने एलईडी हटा दी थीं, लेकिन तब तक काफी युवाओं को प्रभावित किया जा चुका था।


ब्रेनवॉश की तकनीक: वादे, भ्रम और धमकी

छांगुर युवाओं से कहता था कि अगर वे इस्लाम कबूल कर लें तो उन्हें विदेश यात्रा, नौकरी, और धन-दौलत का वादा किया जाएगा। उसका दावा था कि मुस्लिम धर्म अपनाने से उन्हें लखपति या करोड़पति बना दिया जाएगा।


हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर कराता था धर्मांतरण

छांगुर सिर्फ युवाओं को नहीं, बल्कि हिंदू लड़कियों को भी योजनाबद्ध तरीके से फंसाता था। अगर कोई लड़की उसके झांसे में नहीं आती थी, तो उसे ड्रग्स देकर बेहोश किया जाता, फिर उसके साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते और बाद में ब्लैकमेल कर जबरन धर्मांतरण कराया जाता।


पुलिस की गिरफ्त में छांगुर, पूछताछ जारी

फिलहाल छांगुर बाबा पुलिस कस्टडी में है और उससे लगातार पूछताछ हो रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े और भी मुखौटे बेनकाब होंगे।


अब तक के खुलासों से क्या समझा गया?

  • एलईडी पर तीन घंटे के धार्मिक शो
  • वीडियो के माध्यम से ब्रेनवॉश
  • हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का अपमान
  • धर्म बदलवाने के लिए लालच, धमकी और ब्लैकमेल
  • महिलाओं को विशेष रूप से निशाना बनाना

एक गहरा षड्यंत्र उजागर

छांगुर बाबा का मामला केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि एक गंभीर संगठित साजिश का हिस्सा लगता है। धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी, लालच और डर का जो मेल इस्तेमाल किया गया, वह सामाजिक ताने-बाने पर सीधा हमला है।

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