बेंगलुरु में बड़ा ड्रग रैकेट बेनकाब, साबुन के डिब्बों में छिपाकर ले जाई जा रही थी कोकीन

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बेंगलुरु में बड़ा ड्रग रैकेट बेनकाब, साबुन के डिब्बों में छिपाकर ले जाई जा रही थी कोकीन

राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने बेंगलुरु में एक इंटरस्टेट ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 55 करोड़ रुपये की कोकीन जब्त की है। इस कार्रवाई के तहत दो अलग-अलग घटनाओं में कोकीन तस्करी के दो मामलों का खुलासा हुआ, जिनमें साबुन के डिब्बों और कॉमिक बुक्स के कवर में ड्रग्स छिपाकर ले जाई जा रही थी।


साबुन के डिब्बों में 14.69 करोड़ की कोकीन

बेंगलुरु के कॉटनपेट इलाके में डीआरआई की टीम ने पूर्वोत्तर भारत की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं साबुन के डिब्बों में छिपाकर कोकीन की तस्करी कर रही थीं।

  • जब्त कोकीन की मात्रा: 7 किलोग्राम
  • बाजार मूल्य: ₹14.69 करोड़
  • गिरफ्तार आरोपी:
    • लालजामलुवाई (मणिपुर)
    • लालथांगलियानी (मिजोरम)

जांच में सामने आया है कि ये महिलाएं एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का हिस्सा थीं। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य तस्करों के नाम सामने आ सकते हैं।


एयरपोर्ट पर 40 करोड़ की कोकीन, अफ्रीकी गिरोह से संबंध

इससे पहले 18 जुलाई को डीआरआई ने बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 4 किलोग्राम कोकीन जब्त की थी। इसकी कीमत लगभग ₹40 करोड़ आंकी गई है।

कार्रवाई की मुख्य बातें:

  • तस्कर की उम्र: 35 वर्ष
  • मूल निवासी: उत्तर भारत
  • ड्रग्स की तस्करी का तरीका:
    • दो सुपरहीरो कॉमिक्स के कवर में छिपाकर लाई गई थी कोकीन
    • फ्लाइट कतर से बेंगलुरु आई थी

सूत्रों के मुताबिक आरोपी बेंगलुरु स्थित अफ्रीकी तस्कर गिरोहों को ड्रग्स की आपूर्ति करता था। डीआरआई की टीम ने गुप्त सूचना पर यह कार्रवाई की और असामान्य रूप से भारी कॉमिक्स की जांच में ड्रग्स पकड़ी गई।


अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का शक

दोनों घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि ड्रग्स की तस्करी के लिए नए और रचनात्मक तरीके अपनाए जा रहे हैं। साबुन के डिब्बों और कॉमिक बुक्स जैसे माध्यमों से तस्करी करना तस्करों की साजिश की गहराई को दर्शाता है।

डीआरआई के अनुसार, यह ड्रग रैकेट सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है। आगे की जांच में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।


बेंगलुरु में डीआरआई द्वारा पकड़ी गई इन दो बड़ी घटनाओं ने एक बार फिर ड्रग माफियाओं की सक्रियता और उनकी रणनीति को उजागर किया है। साबुन के डिब्बों और कॉमिक्स जैसे साधनों का उपयोग इस बात की पुष्टि करता है कि ड्रग तस्कर अब बेहद चतुर तरीके अपना रहे हैं। डीआरआई की मुस्तैदी और समय रहते की गई कार्रवाई से देश को एक बड़ी समस्या से बचाया गया है।

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