भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 286 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रहकर लौटी हैं। उन्होंने अंतरिक्ष से भारत के खूबसूरत नज़ारों के बारे में बताया। उनके अनुभव बेहद रोमांचक हैं।
हिमालय का अद्भुत दृश्य
सुनीता ने बताया कि जब भी ISS हिमालय के ऊपर से गुज़रता था, वह और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर हैरान रह जाते थे। हिमालय की बर्फ़ से ढकी चोटियाँ अंतरिक्ष से बहुत खूबसूरत दिखती थीं। सुनीता ने कहा, “हर बार हिमालय देखकर हम दंग रह जाते थे। बुच ने कई शानदार तस्वीरें भी खींचीं।”

मुंबई-गुजरात तट की रोशनी
भारत के पश्चिमी तट का नज़ारा भी बेहद आकर्षक था। गुजरात और मुंबई के तट पर मछली पकड़ने वाली नावों की रोशनी चमकती थी। सुनीता ने कहा, “जब हम पूर्व से भारत की तरफ़ आते थे, तो गुजरात के तट पर नावों की रोशनी हमें संकेत देती थी कि हम भारत के ऊपर हैं।”
भारत की भौगोलिक विविधता
सुनीता ने भारत के अलग-अलग रंगों और पहाड़ियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि टेक्टोनिक प्लेट्स के टकराने से बनी पहाड़ियाँ अंतरिक्ष से दिखती थीं। भारत का भूभाग हरा-भरा और रंगीन लगता था।
भारत आने की इच्छा
सुनीता ने अपने पिता के देश भारत आने की इच्छा भी जताई। उनके पिता गुजरात से हैं। उन्होंने कहा, “मैं ज़रूर भारत आऊँगी और लोगों से मिलूँगी।”
भारत का बढ़ता अंतरिक्ष मिशन
सुनीता ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की तारीफ़ की। ISRO के अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला का Axiom मिशन में जाना उन्हें गर्व महसूस कराता है। उन्होंने कहा कि भारत तेज़ी से अंतरिक्ष में आगे बढ़ रहा है।
286 दिन बाद धरती पर वापसी
सुनीता और उनके साथियों को 19 मार्च 2025 को धरती पर वापस लाया गया। उनका मिशन सफल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सराहना की।
सुनीता विलियम्स का अनुभव बताता है कि अंतरिक्ष से भारत का नज़ारा कितना ख़ास है। उनकी कहानी भारतीयों के लिए गर्व की बात है।