रिपोर्टर: ऋषभ कुमार
Nawada Digital Arrest Scam: बिहार के नवादा में साइबर अपराधियों ने CBI अधिकारी होने का झांसा देकर एक LIC एजेंट से 25 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि बदमाशों ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर पीड़ित को करीब छह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराए रखा। इस दौरान अलग-अलग बैंक खातों में तीन बार में रकम ट्रांसफर कराई गई। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने 22 अक्टूबर को नवादा साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Nawada Digital Arrest Scam: CBI कोर्ट का डर दिखाकर शुरू की ठगी
ठगी का शिकार हुए LIC एजेंट किशोरी प्रसाद गुप्ता नवादा के पोस्टमार्टम रोड के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को उनके मोबाइल पर एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने उन्हें बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में CBI कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। साथ ही दावा किया गया कि उनके बैंक खातों में जमा रकम सीज कर दी जाएगी और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
आरोपियों ने कथित तौर पर किशोरी प्रसाद पर दबाव बनाया कि वह अपने पैसे CBI कोर्ट में जमा कराएं। सरकारी जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उन्हें इस तरह उलझाया गया कि वह ठगों के निर्देशों का पालन करते रहे।
Nawada Digital Arrest Scam: छह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बनाया दबाव
पीड़ित के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने उन्हें कई तरह की धमकियां देकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर छह दिनों तक मानसिक दबाव में रखा। इस दौरान उन्हें कथित मामले में फंसने और जेल जाने का डर दिखाया जाता रहा। इसी दबाव के बीच आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिए।
साइबर ठगी के ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर खुद को पुलिस, CBI या दूसरी जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। वे गिरफ्तारी, जांच और बैंक खाते सीज होने जैसी धमकियों का इस्तेमाल करके पीड़ित से पैसे मंगवाते हैं।
Nawada Digital Arrest Scam: तीन बार में ट्रांसफर कराए 25.50 लाख रुपये
जानकारी के मुताबिक, 12 से 14 अक्टूबर के बीच किशोरी प्रसाद के विभिन्न बैंक खातों से कुल 25 लाख 50 हजार रुपये तीन बार में ट्रांसफर कराए गए। पहली बार 11 लाख 50 हजार रुपये दिल्ली में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा के खाते में RTGS के जरिए भेजे गए।
इसके बाद दूसरी बार ओडिशा के भंजनगर स्थित एक बैंक खाते में 7 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इस तरह शुरुआती दो ट्रांजैक्शन में कुल 18 लाख 50 हजार रुपये चले गए।
Nawada Digital Arrest Scam: बक्सर के खाते में भी भेजे सात लाख रुपये
आरोप है कि शुरुआती रकम ट्रांसफर होने के बाद ठगों ने किशोरी प्रसाद को दोबारा फोन किया। उनसे कहा गया कि उनके खाते में अभी भी सात लाख रुपये बचे हुए हैं और उन्हें भी जल्द ट्रांसफर करना होगा। इसके बाद आरोपियों ने बक्सर के सिक्का इंटरप्राइजेज का बैंक खाता नंबर दिया।
पीड़ित ने कथित दबाव में उस खाते में भी सात लाख रुपये भेज दिए। इस तरह तीन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 25 लाख 50 हजार रुपये की ठगी हुई। हालांकि, अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई रकम की वापसी या रिकवरी को लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
Nawada Digital Arrest Scam: ठगी का एहसास होने पर साइबर थाने पहुंचे पीड़ित
रकम ट्रांसफर करने के बाद किशोरी प्रसाद को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने 22 अक्टूबर को नवादा साइबर थाने में मामला दर्ज कराया। शिकायत में उन्होंने बताया कि किस तरह आरोपियों ने CBI अधिकारी होने का झांसा देकर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी।
मामले में आगे की जांच के दौरान आरोपियों के फोन नंबरों, बैंक खातों और पैसों के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और रकम की बरामदगी की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
Nawada Digital Arrest Scam: Digital Arrest Scam से कैसे बचें?
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं।
- धमकी भरे कॉल से घबराएं नहीं: फोन पर खुद को CBI, पुलिस, ED या अदालत का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति की बात पर तुरंत भरोसा न करें।
- पैसे ट्रांसफर न करें: किसी कथित जांच, गिरफ्तारी से बचाने या केस खत्म करने के नाम पर निजी बैंक खाते में रकम भेजने की मांग पर संदेह करें।
- कॉल काटकर सत्यापन करें: संबंधित एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित संपर्क माध्यम से जानकारी लें।
- परिवार को बताएं: किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में अकेले फैसला न करें। परिवार के सदस्यों से बात करें और जरूरत पड़ने पर बैंक से संपर्क करें।
- तुरंत शिकायत दर्ज कराएं: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर भारत में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
Nawada Digital Arrest Scam: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराना साइबर ठगी का तरीका
कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम से कोई ऐसी प्रक्रिया नहीं है, जिसके तहत पुलिस या CBI वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करके घर में नजरबंद कर दे और जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराने लगे। अपराधी सरकारी एजेंसियों का नाम लेकर लोगों में भय पैदा करते हैं और इसी का फायदा उठाकर उनकी जमा पूंजी ठग लेते हैं।
नवादा में LIC एजेंट से 25.50 लाख रुपये की ठगी का यह मामला लोगों के लिए चेतावनी है कि किसी भी अनजान कॉल पर गिरफ्तारी या बैंक खाते सीज होने की धमकी मिलने पर जल्दबाजी में आर्थिक फैसला न लें। पहले जानकारी की पुष्टि करें और किसी भी संदिग्ध मांग की सूचना साइबर पुलिस को दें।
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