Anti Drug Campaign 2026 : मध्यप्रदेश को मादक पदार्थों से मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने अभियान तेज करने की तैयारी की है। प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अगले दो से तीन वर्षों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने, सूचना तंत्र मजबूत बनाने और ड्रग तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी, उच्च शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय विभाग और पुलिस के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
Anti Drug Campaign 2026 : मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने पांचवीं एनसीओआरडी बैठक में की समीक्षा
मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को मंत्रालय में पांचवीं राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष और नारकोटिक्स व पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की गई, उसी तरह अवैध मादक पदार्थों के संपूर्ण रैकेट को खत्म करने के लिए भी गंभीरता से अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान का संदेश समाज के सभी वर्गों तक स्पष्ट रूप से पहुंचे और हर संबंधित विभाग अपने स्तर पर लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजना तैयार करे।
Anti Drug Campaign 2026 : तीन साल के विशेष अभियान से ध्वस्त होगा ड्रग नेटवर्क
राज्य सरकार मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए त्रि-वर्षीय विशेष अभियान की तैयारी कर रही है। इसके तहत संबंधित विभागों को आंतरिक लक्ष्य तय करने और तय समयसीमा के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के लिए सूचना तंत्र को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने नारकोटिक्स वर्टिकल, एसआईबी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी, वितरण और अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
Anti Drug Campaign 2026 : दो साल में 2.74 लाख किलो से अधिक मादक पदार्थ नष्ट
बैठक में बताया गया कि मादक पदार्थों के विनष्टीकरण की कार्रवाई में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 और वर्ष 2026 में 30 सितंबर तक कुल 2,74,405 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए गए।
वर्ष 2025 में अफीम, मॉर्फीन, कोडीन सहित अन्य मादक पदार्थों से जुड़े 2,073 प्रकरणों में कुल 1,44,025 किलोग्राम पदार्थों का विनष्टीकरण किया गया। वहीं, वर्ष 2026 में 30 सितंबर तक 2,756 प्रकरणों में 1,30,380 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए गए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस वर्ष 30 सितंबर तक एनडीपीएस एक्ट के 2,986 मामलों में 4,091 आरोपियों से कुल 50,933 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए। इन कार्रवाइयों में संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ काम किया।
Anti Drug Campaign 2026 : नशामुक्ति अभियान में देश के शीर्ष दो राज्यों में MP
मुख्य सचिव ने नशामुक्ति अभियान में मध्यप्रदेश के देश के शीर्ष दो राज्यों में शामिल होने पर संतोष व्यक्त किया और संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में नशामुक्त विद्यालय अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग समितियां बनाई जाएं। इन समितियों के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही, ऐसा गोपनीय सूचना तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे मादक पदार्थों से संबंधित जानकारी देने वाले विद्यार्थी और शिक्षक की पहचान सुरक्षित रखी जा सके।
इन समितियों के नोडल अधिकारी के रूप में स्थानीय पुलिस थाने के बीट इंचार्ज को जिम्मेदारी दी जाएगी। मुख्य सचिव ने नारकोटिक्स विभाग की हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए, ताकि लोग मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दे सकें।
Anti Drug Campaign 2026 : हर जिले में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने की तैयारी
मुख्य सचिव ने सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिए कि जिन जिलों में अभी नशामुक्ति केंद्र संचालित नहीं हैं, वहां केंद्र स्थापित करने के लिए 31 अक्टूबर तक प्रस्ताव प्राप्त किए जाएं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति केंद्र उपलब्ध हों।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में सामाजिक न्याय विभाग के 31 और स्वास्थ्य विभाग के 10 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों के विस्तार से नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार और पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत की जा सकेगी।
Anti Drug Campaign 2026 : प्रदेश में 18 गुप्त मादक पदार्थ प्रयोगशालाएं ध्वस्त
बैठक में मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी साझा की गई। बताया गया कि वर्ष 2025 और 2026 के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने प्रदेश में मादक पदार्थों से जुड़ी 18 गुप्त प्रयोगशालाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त किया।
मादक पदार्थों से संबंधित गोपनीय सूचनाएं प्राप्त करने के लिए एनसीबी का मानस पोर्टल और राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 संचालित है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्ष 2025-2026 के दौरान इस माध्यम से कुल 811 शिकायतें प्राप्त हुईं।
ड्रग कारोबार से जुड़े मामलों में 446 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2025 में 54 प्रकरणों में 300 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई। वहीं, वर्ष 2026 में 38 प्रकरणों में 146 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई हुई।
इस तरह दोनों वर्षों में कुल 92 प्रकरणों में 446 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई। इसके अतिरिक्त, सितंबर 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के 201 विशेष ट्रायल मामलों को निगरानी में लिया गया। इसी अवधि में न्यायालयों में लंबित मामलों में आठ मामलों में दोषसिद्धि हुई।
Anti Drug Campaign 2026 : केमिकल फैक्ट्रियों में प्रीकर्सर की निगरानी बढ़ेगी
मुख्य सचिव ने प्रदेश में संचालित केमिकल फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर रसायनों के अवैध उपयोग और डायवर्जन को रोकने के लिए भी निर्देश दिए। उद्योग, श्रम, स्वास्थ्य और गृह विभाग को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
इसके तहत निगरानी तंत्र या विशेष दस्ता गठित करने और औद्योगिक क्लस्टर तथा उद्योग संगठनों की सूची आपस में साझा करने पर जोर दिया गया। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कोडीन आधारित कफ सिरप जैसी दवाओं की आपूर्ति और वितरण की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही लाइसेंस प्रक्रिया को समेकित करने और दवाओं के वितरण नेटवर्क पर निगरानी मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
Anti Drug Campaign 2026 : कोडीन कफ सिरप के उत्पादन और वितरण पर रहेगी नजर
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर कोडीन आधारित कफ सिरप के उत्पादन और मध्यप्रदेश में उसके वितरण नेटवर्क की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने इस नेटवर्क की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दवाओं के दुरुपयोग और अवैध इस्तेमाल की आशंका पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा, उन्होंने सूचना तंत्र को मजबूत करने, सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और जब्त सामग्री के निक्षेप से जुड़े अधिकारों को राज्य स्तर से जिला स्तर तक विकेंद्रित करने के निर्देश दिए।
Anti Drug Campaign 2026 : एनडीपीएस मामलों की जांच रिपोर्ट 15 दिन में लेने की तैयारी
मुख्य सचिव ने फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) को एनडीपीएस एक्ट के तहत भेजे जाने वाले नमूनों की जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्राप्त करने के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा। जांच रिपोर्ट समय पर मिलने से मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की कानूनी प्रक्रिया को गति देने में मदद मिल सकती है।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा घोषित नशामुक्त क्षेत्रों की जानकारी संबंधित जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के साथ साझा की जाए, जिससे जिला स्तर पर अभियान की निगरानी और कार्रवाई को बेहतर बनाया जा सके।
Anti Drug Campaign 2026 : नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रमों में 2.58 करोड़ लोगों की भागीदारी
मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रदेश में 30,339 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 2.58 करोड़ लोगों ने भाग लिया।
‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान में भी समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी रही। सोशल मीडिया के माध्यम से इस अभियान को 58 करोड़ से अधिक व्यूज मिले। इसके अलावा, लगभग 10 हजार युवाओं को विभिन्न खेल गतिविधियों से जोड़ा गया, ताकि उन्हें सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
Anti Drug Campaign 2026 : नशामुक्त मध्यप्रदेश के लिए विभागों को मिलकर करना होगा काम
राज्य सरकार की रणनीति में ड्रग तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने, मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन पर कार्रवाई, आर्थिक संपत्तियों को अटैच करने, शिक्षण संस्थानों में जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्ति केंद्रों का विस्तार करने जैसे कदम शामिल हैं।
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने संबंधित विभागों को स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आने वाले तीन वर्षों में अवैध मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लक्ष्य के साथ सरकार अब पुलिस, नारकोटिक्स एजेंसियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और उद्योग विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दे रही है।
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