रिपोर्ट: राजीव मेहता | यमुनानगर, हरियाणा
Electricity Employees Strike : हरियाणा में बिजली निगमों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने गुड़गांव और नूंह जिलों में पैरेलल लाइसेंस जारी किए जाने के विरोध में आंदोलन तेज कर दिया है। बिजली कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने आज रात से तीन दिन की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे जानबूझकर बिजली आपूर्ति बंद नहीं करेंगे, लेकिन यदि किसी कारण से बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो हड़ताल के दौरान खराबी ठीक करने का काम नहीं करेंगे। यमुनानगर समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कर्मचारियों ने हरियाणा बिजली नियामक आयोग के लाइसेंस जारी करने संबंधी आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया।
Electricity Employees Strike : पैरेलल लाइसेंस के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन
बिजली निगमों के कर्मचारी और अधिकारी गुड़गांव तथा नूंह जिलों में पैरेलल लाइसेंस दिए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यह फैसला कर्मचारियों, अधिकारियों और बिजली उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। उनका दावा है कि इस निर्णय की मांग किसी पक्ष की ओर से नहीं की गई थी और दर्ज आपत्तियों को भी नजरअंदाज किया गया।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से पैरेलल लाइसेंस जारी करने का फैसला तत्काल वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने वाले इस निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Electricity Employees Strike : आज रात से तीन दिन की हड़ताल का ऐलान
बिजली कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के नेताओं के मुताबिक, आज रात से तीन दिन तक हड़ताल की जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे खुद बिजली आपूर्ति बंद नहीं करेंगे, लेकिन यदि किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारण से बिजली बंद होती है, तो उसे ठीक करने का काम नहीं करेंगे।
इस ऐलान के बाद बिजली उपभोक्ताओं के बीच आपूर्ति और शिकायतों के समाधान को लेकर चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि हड़ताल के दौरान बिजली व्यवस्था संभालने के लिए निगम और प्रशासन क्या वैकल्पिक इंतजाम करते हैं।
Electricity Employees Strike : यमुनानगर में बिजली आयोग के आदेशों की प्रतियां जलाईं
पैरेलल लाइसेंस के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन किए गए। इसी क्रम में यमुनानगर में भी कर्मचारियों ने हरियाणा बिजली नियामक आयोग के लाइसेंस जारी करने संबंधी आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे इन आदेशों को स्वीकार नहीं करते और सरकार को निजीकरण से जुड़े फैसले को वापस लेना चाहिए। उनका कहना है कि कर्मचारियों और अधिकारियों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर निर्णय लिया गया है।
Electricity Employees Strike : अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पैरेलल लाइसेंस का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने की बात भी कही गई है। नेताओं ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने और पैरेलल लाइसेंस के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
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