BY: Yoganand Shrivastva
Supreme Court दिल्ली के कनॉट प्लेस में शुक्रवार को प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। मामले में जल्द सुनवाई की मांग किए जाने पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष दलीलें रखी गईं। सुनवाई के दौरान अदालत ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे और प्रदर्शन के कारण छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित नहीं होगी।
प्रदर्शन, कारोबार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन पर जोर
Supreme Court सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने कहा कि प्रदर्शन करना, मूंगफली बेचना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना, ये सभी एक-दूसरे से जुड़े पहलू हैं। उन्होंने कारोबारियों की आजीविका पर पड़ने वाले संभावित असर की ओर भी ध्यान दिलाया।
अदालत ने कहा कि यदि प्रदर्शन के कारण कारोबार को नुकसान पहुंचता है, तो स्थिति को देखते हुए संवैधानिक अधिकारों के तहत उचित कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल, आगे की परिस्थितियों पर नजर रखने की बात कही गई।
सेंट्रल पार्क बंद करने का मुद्दा भी उठा
Supreme Court सुनवाई के दौरान वकील ने अदालत को बताया कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने पिछली रात सेंट्रल पार्क को बंद करने का आदेश जारी किया था। उनका कहना था कि इससे वहां कारोबार करने वालों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
इस पर न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि यदि संबंधित कदम जरूरत से ज्यादा पाया जाता है, तो अदालत कानून के अनुसार कार्रवाई करने और नुकसान की भरपाई से जुड़े आदेश देने पर विचार कर सकती है।
राहुल गांधी से जुड़े मामले में 26 अक्टूबर को सुनवाई
Supreme Court सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के खिलाफ एक महिला पत्रकार की याचिका का मुद्दा भी उठा। महिला पत्रकार ने मार्च के दौरान राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया था। वकील और भाजपा नेता गौरव भाटिया ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने मामले का उल्लेख करते हुए सुनवाई की तारीख तय करने और नोटिस जारी होने की स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पहले प्रस्तुत की गई याचिकाओं में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की।


