UP Congress Crisis : लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी विवाद के बीच पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लखनऊ में महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी और अजय राय के समर्थकों के बीच हुए विवाद के बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच, पार्टी नेतृत्व ने उन्हें दिल्ली बुलाया है और राहुल गांधी से उनकी मुलाकात संभव बताई जा रही है। हालांकि, 14 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अजय राय के कांग्रेस छोड़ने या बीजेपी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि वह कांग्रेस में रहकर संगठन को मजबूत करने की बात कह रहे हैं।
1. UP Congress Crisis: विवाद के बाद अजय राय को दिल्ली बुलाया गया
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में हालिया घटनाक्रम के बाद पार्टी नेतृत्व के सामने संगठनात्मक विवाद को सुलझाने की चुनौती है। भास्कर हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, अजय राय को दिल्ली बुलाया गया है और राहुल गांधी से उनकी मुलाकात हो सकती है। इस बातचीत में विवाद, संगठन में उनकी भूमिका और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मुलाकात के समय और एजेंडे को लेकर आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
2. UP Congress Crisis: 11 अक्टूबर को लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में हुआ था विवाद
विवाद 11 अक्टूबर को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान सामने आया था। रिपोर्टों के मुताबिक, अजय राय के समर्थकों और महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी के पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई। घटना के दौरान जूते-चप्पल फेंके जाने की खबरें भी सामने आई थीं।
ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके साथ आई महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। वहीं, अजय राय ने भी घटनाक्रम को लेकर पार्टी नेतृत्व से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक होने तक किसी एक पक्ष के दावों को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
3. UP Congress Crisis: अजय राय और ममता चौधरी के बीच क्या है विवाद?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मतभेद पहले से चले आ रहे थे। पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यालय में भीड़ और रास्ता देने को लेकर शुरू हुई बहस ने गंभीर रूप ले लिया। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए।
घटना ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के भीतर आपसी तालमेल और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेतृत्व के लिए अब विवाद की जांच कराने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के बीच तनाव कम करना भी अहम माना जा रहा है।
4. UP Congress Crisis: मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित
विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। रिपोर्टों के मुताबिक, कमेटी की अध्यक्षता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी कर रहे हैं। इसमें सह-प्रभारी अभिषेक दत्त, अब्दुल हन्नान, पूर्व सांसद रवि वर्मा और महिला कांग्रेस नेता शमीना शफीक को शामिल किया गया है।
कमेटी को सात दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पार्टी आगे की कार्रवाई कर सकती है। इस प्रक्रिया को विवाद के समाधान और संगठन में अनुशासन बहाल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
5. UP Congress Crisis: राहुल गांधी के कार्यक्रम से दूरी के बाद बढ़ीं अटकलें
विवाद के बाद अजय राय कांग्रेस के कुछ कार्यक्रमों से दूर रहे। 12 अक्टूबर को दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित विरोध मार्च में उनकी अनुपस्थिति की भी खबर आई। इसके बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं।
हालांकि, किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होना अपने आप में पार्टी छोड़ने का प्रमाण नहीं है। अजय राय के राजनीतिक भविष्य को लेकर फिलहाल कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन उनके किसी दूसरे दल में जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
6. UP Congress Crisis: क्या बीजेपी में शामिल होंगे अजय राय?
विवाद के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हुई कि अजय राय कांग्रेस छोड़कर बीजेपी या किसी अन्य दल में जा सकते हैं। कुछ रिपोर्टों में अनुप्रिया पटेल के अपना दल का नाम भी संभावित विकल्प के तौर पर सामने आया। लेकिन इन चर्चाओं की पुष्टि नहीं हुई है।
14 अक्टूबर को प्रकाशित एबीपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अजय राय कांग्रेस में बने रहकर उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने और वाराणसी की पिंडरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत में बीजेपी में जाने की योजना से इनकार किया है। इसलिए फिलहाल बीजेपी में शामिल होने की खबर को पुष्ट समाचार के बजाय राजनीतिक अटकल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
7. UP Congress Crisis: पिंडरा सीट और 2027 के चुनाव पर नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकजुटता महत्वपूर्ण होगी। अजय राय वाराणसी की पिंडरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे बताए जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी संभावित बातचीत को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि दिल्ली में होने वाली संभावित बातचीत से विवाद का समाधान निकलता है या नहीं, और पार्टी में अजय राय की भूमिका को लेकर क्या फैसला होता है। फिलहाल कांग्रेस छोड़ने या बीजेपी में जाने की पुष्टि नहीं है।


