Jharkhand Drug De Addiction Campaign: झारखंड में नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को रांची के एमडीआई बिल्डिंग, प्रोजेक्ट भवन में नशे की रोकथाम और नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने को लेकर राज्यस्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें युवाओं को नशे से बचाने, व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और परिवारों व समुदायों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में तैयार की गई कार्ययोजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजी जाएगी।
Jharkhand Drug De Addiction Campaign: नशे की रोकथाम को जनआंदोलन बनाने पर जोर
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नशे की चुनौती केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं, परिवारों और समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्ति अभियान की सफलता केवल आयोजित गतिविधियों की संख्या से नहीं मापी जानी चाहिए। असली सफलता इस बात से तय होगी कि कितने लोगों को नशे से बचाया जा सका और उनके जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आया। सचिव ने पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, समुदायों और विभिन्न सरकारी विभागों को नशा रोकथाम की साझा जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
Jharkhand Drug De Addiction Campaign: रोकथाम और व्यवहार परिवर्तन पर रहेगा फोकस
झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस राज्यस्तरीय कार्यशाला का उद्देश्य नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने और रोकथाम आधारित रणनीतियों को मजबूत करना था। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यशाला का विषय Reimagining Prevention and Drug Demand Reduction in India रखा गया।
कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि नशामुक्ति को केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसके लिए समय रहते नशे की पहचान, व्यवहार में बदलाव, उचित परामर्श और समुदाय के नेतृत्व में निरंतर प्रयास जरूरी हैं। सरकार का उद्देश्य नशे से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ऐसी रणनीति विकसित करना है, जिसका असर जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर तक दिखाई दे।
Jharkhand Drug De Addiction Campaign: परिवार और समुदाय की भूमिका अहम
निदेशक, सामाजिक कल्याण किरण कुमारी पासी ने कहा कि नशे की रोकथाम में परिवार और समुदाय की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। समय पर सही जानकारी, उचित मार्गदर्शन और सहयोग मिलने से युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज, परिवार और समुदाय को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा संगठनों को नशे की शुरुआती पहचान, परामर्श और सामुदायिक जागरूकता से जुड़े प्रयासों में मजबूत भागीदार बनाने पर जोर दिया।
Jharkhand Drug De Addiction Campaign: उपचार और पुनर्वास के लिए बनेगी समन्वित रणनीति
कार्यशाला में विभिन्न विभागों, विकास सहयोगी संस्थाओं और विशेषज्ञों ने साक्ष्य आधारित, परिणाम केंद्रित तथा समुदाय आधारित नशा रोकथाम मॉडल पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर पर समन्वित कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत बताई।
इसके साथ ही नशे की रोकथाम, परामर्श, उपचार, पुनर्वास और समाज में दोबारा समावेश की प्रक्रिया को एकीकृत रूप से लागू करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें सामान्य सामाजिक जीवन में लौटने के लिए जरूरी सहयोग देना है।
Jharkhand Drug De Addiction Campaign: कई विभागों के प्रतिनिधियों ने साझा किए सुझाव
राज्यस्तरीय कार्यशाला में पंचायती राज, नगर विकास, गृह विभाग के नारकोटिक्स प्रकोष्ठ, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आईसीपीएस और जेएसएलपीएस समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने नशामुक्ति के प्रयासों में सामाजिक समावेशन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय को जरूरी बताया।
प्रतिभागियों ने नशामुक्त हेल्पलाइन नंबर 14446 तथा उपलब्ध परामर्श, उपचार और पुनर्वास सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सहायता की जानकारी पहुंच सके।
Jharkhand Drug De Addiction Campaign: मंत्रालय को भेजी जाएगी कार्ययोजना
कार्यशाला के अंत में झारखंड में नशीले पदार्थों की मांग कम करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई। इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा जाएगा। इस पहल के तहत रोकथाम, जागरूकता, परामर्श, उपचार और पुनर्वास से जुड़े प्रयासों को बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
राज्य सरकार का लक्ष्य नशे के खिलाफ ऐसे प्रयासों को मजबूत करना है, जिनमें सरकारी विभागों के साथ परिवार, शैक्षणिक संस्थान, पंचायतें और सामाजिक संगठन भी सक्रिय भागीदारी निभाएं।


