IND vs NZ: भारतीय क्रिकेट टीम इसी महीने न्यूजीलैंड के दौरे पर जाने वाली है। इस दौरे पर क्रिकेट मुकाबलों के साथ दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों की झलक भी देखने को मिलेगी। भारत के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड की टीम एक खास जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेगी। इस विशेष जर्सी के जरिए भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा।
न्यूजीलैंड क्रिकेट की ओर से तैयार की गई इस लिमिटेड एडिशन जर्सी में दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत को जगह दी गई है। इसमें न्यूजीलैंड की माओरी संस्कृति और भारतीय कला परंपराओं का मेल देखने को मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य क्रिकेट के जरिए दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक जुड़ाव, आपसी सम्मान और दोस्ती को सामने लाना है।
IND vs NZ: खास जर्सी के जरिए 100 साल पुराने संबंधों का सम्मान
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों का इतिहास करीब एक सदी पुराना है। साल 1926 में भारतीय सेना की हॉकी टीम ने पहली बार न्यूजीलैंड का दौरा किया था। उस दौरे ने दोनों देशों के खिलाड़ियों और समुदायों को करीब लाने में अहम भूमिका निभाई थी।
अब इस ऐतिहासिक जुड़ाव के 100 साल पूरे होने के मौके पर न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीम वनडे सीरीज में विशेष जर्सी पहनेगी। इस जर्सी को कोटाहितांगा ओडीआई शर्ट नाम दिया गया है। इसका डिजाइन दोनों देशों के साझा इतिहास और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
जर्सी में इस्तेमाल किए गए अलग-अलग कलात्मक प्रतीक भारत और न्यूजीलैंड की परंपराओं को एक साथ प्रस्तुत करते हैं। यह पहल केवल क्रिकेट किट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए दोनों देशों के बीच लंबे समय से बने संबंधों को भी सम्मान देने की कोशिश की गई है।
IND vs NZ: तीन कलाकारों ने मिलकर तैयार की खास जर्सी
इस विशेष जर्सी के डिजाइन में तीन कलाकारों ने योगदान दिया है। इनमें न्यूजीलैंड के कलाकार बेन थॉमसन और गुजरात के शिव नारंदास तथा जय पंचा शामिल हैं। तीनों कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और कलात्मक परंपराओं से प्रेरणा लेकर ऐसा डिजाइन तैयार किया है, जो भारत और न्यूजीलैंड के आपसी जुड़ाव को दर्शाता है।
जर्सी के डिजाइन में न्यूजीलैंड की पारंपरिक माओरी कला के साथ भारतीय कला के प्रमुख प्रतीकों को भी शामिल किया गया है। इसका मकसद दोनों संस्कृतियों की विशिष्ट पहचान को बनाए रखते हुए उनके बीच समानताओं और आपसी सम्मान को सामने लाना है।
कलाकारों ने जर्सी के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे पैटर्न और प्रतीकों का इस्तेमाल किया है, जिनका संबंध दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत से है। इस तरह जर्सी को एक खास पहचान देने के साथ-साथ इसे ऐतिहासिक रिश्तों की यादगार के रूप में भी तैयार किया गया है।
IND vs NZ: माओरी कला के पारंपरिक पैटर्न को मिली जगह
न्यूजीलैंड के कलाकार बेन थॉमसन ने जर्सी में माओरी कला के पारंपरिक कोवाईव्हाई पैटर्न का इस्तेमाल किया है। यह कलात्मक शैली न्यूजीलैंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। जर्सी में इस पैटर्न को शामिल करके वहां की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया गया है।
डिजाइन में उन लोगों के योगदान को भी महत्व दिया गया है, जिन्होंने भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में भूमिका निभाई। इस तरह जर्सी का उद्देश्य दोनों देशों के ऐतिहासिक जुड़ाव को केवल प्रतीकों के माध्यम से दिखाना ही नहीं, बल्कि उन लोगों को भी याद करना है जिन्होंने इस रिश्ते को आगे बढ़ाया।
माओरी कला का इस्तेमाल जर्सी को न्यूजीलैंड की स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जोड़ता है। वहीं, भारतीय कला के प्रतीकों के साथ इसका मेल इसे दोनों देशों की साझा विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाला डिजाइन बनाता है।
IND vs NZ: कमल, भारतीय वास्तुकला और मंडला से सजा डिजाइन
जर्सी में भारतीय कला परंपरा को दर्शाने के लिए तीन खास प्रतीकों को शामिल किया गया है। शिव नारंदास और जय पंचा ने भारतीय संस्कृति से जुड़े इन तत्वों को डिजाइन का हिस्सा बनाया है। इनमें भारत का राष्ट्रीय फूल कमल, भारतीय वास्तुकला से प्रेरित दोहराव वाला पैटर्न और मंडला शामिल हैं।
कमल भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। वहीं, भारतीय वास्तुकला से प्रेरित पैटर्न और मंडला डिजाइन को पारंपरिक कलात्मक स्वरूप देते हैं। इन प्रतीकों को न्यूजीलैंड की माओरी कला के साथ जोड़कर ऐसा रूप तैयार किया गया है, जिसमें दोनों देशों की सांस्कृतिक पहचान दिखाई देती है।
इस जर्सी की खासियत यह है कि इसमें किसी एक संस्कृति को प्रमुखता देने के बजाय दोनों परंपराओं को एक साथ प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। यही वजह है कि इसका डिजाइन भारत और न्यूजीलैंड के बीच आपसी सम्मान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है।
IND vs NZ: न्यूजीलैंड क्रिकेट ने डिजाइन पर जताई खुशी
न्यूजीलैंड क्रिकेट के चीफ मार्केटिंग और कॉमर्शियल ऑफिसर ग्लेन क्रिचली ने इस पहल पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जर्सी के डिजाइन में माओरी और भारतीय कला के बीच शानदार संतुलन बनाया गया है। उनके मुताबिक, यह डिजाइन दोनों देशों के रिश्तों को खूबसूरती से प्रस्तुत करता है।
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डिजाइन तैयार करने वाले बेन थॉमसन ने भी इस परियोजना के पीछे एकता की भावना को मुख्य विचार बताया। उन्होंने कहा कि जर्सी का डिजाइन इसी उद्देश्य को व्यक्त करता है। दोनों देशों की कलात्मक परंपराओं को एक साथ लाकर इस जर्सी को ऐतिहासिक संबंधों के प्रतीक के तौर पर तैयार किया गया है।
न्यूजीलैंड क्रिकेट की इस पहल के जरिए खेल को सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम बनाने की कोशिश की गई है। वनडे सीरीज के दौरान जब न्यूजीलैंड के खिलाड़ी इस जर्सी में मैदान पर उतरेंगे, तब क्रिकेट के साथ दोनों देशों के साझा इतिहास और परंपराओं की भी चर्चा होगी।
IND vs NZ: 22 अक्टूबर से शुरू होगा भारत का न्यूजीलैंड दौरा
भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। दौरे की शुरुआत पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज से होगी। इसके बाद दोनों टीमें पांच मैचों की वनडे सीरीज में आमने-सामने होंगी।
वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड की टीम विशेष रूप से तैयार की गई कोटाहितांगा जर्सी पहनेगी। यह लिमिटेड एडिशन शर्ट इस दौरे को एक अलग पहचान देगी। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह जर्सी मुकाबलों के दौरान आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है, क्योंकि इसके डिजाइन में दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत को शामिल किया गया है।
इस दौरे में जहां भारतीय और न्यूजीलैंड के खिलाड़ी मैदान पर एक-दूसरे को चुनौती देंगे, वहीं विशेष जर्सी के जरिए दोनों देशों के बीच पुराने खेल संबंधों को भी याद किया जाएगा। इस तरह आगामी वनडे सीरीज क्रिकेट प्रतियोगिता के साथ-साथ भारत और न्यूजीलैंड की दोस्ती तथा साझा इतिहास को सम्मान देने का अवसर भी बनेगी।


