Khairagarh University Protest: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित राजकुमारी इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय में गुरुवार को संगीत संकाय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया। पहले संकाय में प्रदर्शन किया गया और इसके बाद छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘कुलपति हटाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ और ‘एक समोसा दो, चाय कुलपति हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के धरने पर बैठने से विश्वविद्यालय परिसर में माहौल गरमा गया।
Khairagarh University Protest: वाद्य यंत्रों की कमी को लेकर छात्रों में नाराजगी
Khairagarh University Protest के दौरान छात्रों ने संगीत संकाय में पर्याप्त वाद्य यंत्र उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि संगीत की पढ़ाई और अभ्यास के लिए जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से वाद्य यंत्रों की उपलब्धता बढ़ाने और संगीत संकाय की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
Khairagarh University Protest: राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में अवसर नहीं मिलने का आरोप
Khairagarh University Protest में छात्रों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले समारोहों में विद्यार्थियों को पर्याप्त अवसर नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया।
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बड़े मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर भी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।
Khairagarh University Protest: अधिष्ठाता बदलने पर भी छात्रों ने उठाए सवाल
Khairagarh University Protest में अधिष्ठाता के बदलाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। छात्रों ने नमन दत्त को हटाकर मानस साहू को अधिष्ठाता बनाए जाने पर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने इस बदलाव की प्रक्रिया और इसके कारणों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा।
कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने इस मामले में कहा कि अधिष्ठाता की नियुक्ति राजभवन से होती है और इसमें विश्वविद्यालय की कोई भूमिका नहीं होती।
Khairagarh University Protest: रिजल्ट और दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप
Khairagarh University Protest के दौरान छात्रों ने परीक्षा परिणाम और अन्य दस्तावेजों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। विद्यार्थियों का दावा है कि रिजल्ट और दस्तावेजों में लगातार गड़बड़ियां सामने आती हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि इन गड़बड़ियों को सुधारने के लिए पैसे की मांग भी की जाती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। छात्रों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से इन मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे, लेकिन समाधान नहीं होने पर उन्हें आंदोलन करना पड़ा।
Khairagarh University Protest: रजिस्ट्रार और अधिष्ठाता छात्रों से चर्चा करने पहुंचे
Khairagarh University Protest की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार वेंकट आर. गुड़े और अधिष्ठाता मानस साहू छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से उनकी मांगों को लिखित रूप में देने को कहा।
हालांकि, छात्रों ने तत्काल प्रदर्शन खत्म नहीं किया और मुख्य द्वार पर धरने पर डटे रहे।
इसी दौरान संगीत संकाय के प्रोफेसर दिवाकर कश्यप की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई और प्रदर्शन स्थल का माहौल और गंभीर हो गया।
Khairagarh University Protest: कुलपति ने कहा- जायज मांगों का तत्काल होगा समाधान
Khairagarh University Protest के बीच कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने छात्रों की मांगों को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि छात्रों की जो भी जायज मांगें हैं, उनका तत्काल समाधान किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि यदि छात्रों ने पहले ही उनसे बातचीत की होती तो उनकी जायज मांगों का समाधान पहले ही किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि वह छात्रों के हित में कार्य करने के लिए ही विश्वविद्यालय में पदस्थ हैं।
कुलपति ने यह भी कहा कि छात्रों ने अचानक इस तरह प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं अधिष्ठाता की नियुक्ति को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियुक्ति राजभवन से होती है और इसमें विश्वविद्यालय की कोई भूमिका नहीं होती।
Khairagarh University Protest: छात्रों की मांगों पर अब आगे क्या होगा?
Khairagarh University Protest के बाद अब छात्रों की मांगों और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है। छात्र वाद्य यंत्रों की उपलब्धता, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में अवसर, अधिष्ठाता नियुक्ति तथा रिजल्ट और दस्तावेजों से जुड़े मामलों पर जवाब चाहते हैं।
दूसरी ओर कुलपति ने छात्रों की जायज मांगों को तत्काल पूरा करने की बात कही है। ऐसे में अब बातचीत के जरिए इस पूरे मामले का समाधान निकालने की कोशिश महत्वपूर्ण होगी।
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