Bartunga Anjan Hill Mines से बरतुंगा कॉलोनी के अस्तित्व पर सवाल
एमसीबी जिले की कोयलांचल नगरी चिरमिरी इन दिनों खदानों के विस्तार, पलायन और मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसी कई चुनौतियों से जूझ रही है। इसी बीच बरतुंगा क्षेत्र में बरतुंगा हिल माइंस और अंजन हिल माइंस को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दोनों खदानों को ओपन कास्ट माइंस के रूप में विकसित किया जाता है तो 5 से 7 हजार की आबादी वाली बरतुंगा कॉलोनी के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है।
Bartunga Anjan Hill Mines से चिरमिरी के दो वार्डों पर मंडरा रहा संकट
बरतुंगा क्षेत्र नगर पालिका निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 24 और 25 में आता है। स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि खदानों के विस्तार के बाद क्षेत्र में आबादी के विस्थापन और पलायन की स्थिति बन सकती है। ऐसे में इन दोनों वार्डों के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि वार्डों के प्रशासनिक रूप से समाप्त होने की स्थिति पर आधिकारिक निर्णय की पुष्टि अलग से आवश्यक होगी।
Bartunga Anjan Hill Mines का कोयला खनन से पुराना संबंध
बरतुंगा हिल और अंजन हिल माइंस में पहले भूमिगत खनन गतिविधियां संचालित होती रही हैं। सरकारी और न्यायिक रिकॉर्ड में भी बरतुंगा हिल UG माइंस और अंजन हिल UG माइंस का उल्लेख मिलता है। 2023 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सामने SECL की ओर से दोनों खदानों के पुनः संचालन, विकास और ऑपरेशन से जुड़े टेंडर विवाद का मामला भी सामने आया था।
Bartunga Anjan Hill Mines परियोजना को लेकर 2026 में हुई जनसुनवाई
अंजन हिल कोल माइंस परियोजना को लेकर फरवरी 2026 में जनसुनवाई आयोजित होने की जानकारी सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित परियोजना अंजन माइंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी है और यह SECL के चिरमिरी क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 388.261 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित बताई गई थी। जनसुनवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर जमीन और परियोजना से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
Bartunga Anjan Hill Mines से मूलभूत सुविधाओं को लेकर स्थानीय नाराजगी
बरतुंगा क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि इलाके में पहले से ही सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर समस्याएं बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाले मुख्य मार्ग को भी SECL प्रबंधन की ओर से बंद किया गया है। ऐसे में खदानों के विस्तार की स्थिति में लोगों के सामने आवागमन और पुनर्वास से जुड़ी नई चुनौतियां खड़ी होने की आशंका है।
Bartunga Anjan Hill Mines के बीच पलायन की समस्या भी बड़ा मुद्दा
चिरमिरी की अर्थव्यवस्था लंबे समय से कोयला खनन पर निर्भर रही है। लेकिन स्थानीय स्तर पर खदानों के बंद होने और रोजगार के अवसरों में बदलाव के बीच पलायन की समस्या भी चर्चा में रही है। बरतुंगा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि ओपन कास्ट खनन शुरू होता है और आबादी प्रभावित होती है तो पलायन का दबाव और बढ़ सकता है।
Bartunga Anjan Hill Mines पर SECL प्रबंधन से भी मांगा गया जवाब
बरतुंगा क्षेत्र के वार्ड 24 और 25 के भविष्य को लेकर जब SECL के चिरमिरी क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मीडिया के सामने इस मुद्दे पर बयान देने से इनकार किया। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक ऑफ द रिकॉर्ड बातचीत में भविष्य में बरतुंगा क्षेत्र के प्रभावित होने की बात कही गई। हालांकि इस कथित ऑफ-द-रिकॉर्ड टिप्पणी की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे आधिकारिक बयान नहीं माना जा सकता।
Bartunga Anjan Hill Mines को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चिंता
बरतुंगा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद मोहम्मद शहाबुद्दीन और वार्ड क्रमांक 25 के पार्षद गंगा प्रसाद सहित स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के भविष्य को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खनन परियोजनाओं के कारण आबादी प्रभावित होती है तो लोगों के पुनर्वास, रोजगार, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर स्पष्ट व्यवस्था जरूरी होगी।
Bartunga Anjan Hill Mines पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि बरतुंगा क्षेत्र की बड़ी आबादी भविष्य में प्रभावित होती है तो उनके पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी किसकी होगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मुद्दे पर नगर निगम, प्रशासन, SECL प्रबंधन और चुने हुए जनप्रतिनिधियों की स्पष्ट भूमिका सामने आनी चाहिए।
Bartunga Anjan Hill Mines से चिरमिरी के भविष्य पर बड़ा सवाल
चिरमिरी की पहचान देश के प्रमुख कोयलांचल क्षेत्रों में रही है और जिले की आधिकारिक जानकारी के अनुसार चिरमिरी कोयलफील्ड में ओपन कास्ट और भूमिगत दोनों तरह की खनन व्यवस्था मौजूद रही है। ऐसे में बरतुंगा क्षेत्र में प्रस्तावित खनन गतिविधियों को लेकर उठ रहे सवाल सिर्फ एक कॉलोनी या दो वार्डों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चिरमिरी के भविष्य, आबादी, रोजगार और शहर के स्वरूप से भी जुड़े हुए हैं।
Bartunga Anjan Hill Mines पर अब स्थानीय लोगों को जवाब का इंतजार
बरतुंगा क्षेत्र के लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि बरतुंगा हिल और अंजन हिल माइंस का ओपन कास्ट विस्तार होता है तो 5 से 7 हजार की आबादी वाले क्षेत्र का भविष्य क्या होगा। क्या लोगों का पुनर्वास किया जाएगा, क्या मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था बेहतर होगी और वार्ड 24 एवं 25 का प्रशासनिक स्वरूप क्या रहेगा—इन सवालों पर स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और SECL प्रबंधन की स्पष्ट स्थिति सामने आना बाकी है।
Bartunga Anjan Hill Mines पर चिरमिरी के अस्तित्व को लेकर बहस जारी
बरतुंगा क्षेत्र के पार्षदों और स्थानीय रहवासियों की चिंताओं के बीच अब निगाहें प्रशासन और खनन प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर हैं। एक ओर चिरमिरी की अर्थव्यवस्था में कोयला खनन की अहम भूमिका रही है, वहीं दूसरी ओर खनन विस्तार से आबादी और बस्तियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर स्थानीय सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में बरतुंगा क्षेत्र का भविष्य आने वाले समय में चिरमिरी के लिए एक अहम मुद्दा बन सकता है।


