Report: Santosh Saravgee
Gwalior Illegal Drinking मध्यप्रदेश में करीब तीन साल पहले सरकार ने आहाते बंद कर दिए थे। इसके बाद शराब दुकानों के आसपास बैठकर शराब पीने की व्यवस्था पर रोक लग गई। लेकिन अब आरोप है कि शहर के कुछ होटल और ढाबे शराब प्रेमियों को बैठाकर शराब पिलाने के लिए नए ठिकाने बनते जा रहे हैं। इससे सरकार के आहाता बंद करने के फैसले के उद्देश्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
दुकान बंद हुई तो ढाबे बन गए नया ठिकाना
Gwalior Illegal Drinking आहाते बंद होने के बाद शराब पीने वालों के सामने सार्वजनिक रूप से बैठकर शराब पीने की समस्या जरूर खत्म हुई, लेकिन आरोप है कि कुछ ढाबा और होटल संचालकों ने इसका दूसरा रास्ता निकाल लिया। बताया जा रहा है कि इन जगहों पर खाने-पीने के साथ शराब पीने के लिए भी बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। यदि बिना वैध अनुमति ऐसा किया जा रहा है तो यह नियमों के खिलाफ है।
झांसी रोड थाने से करीब 100 कदम दूर कथित शराबखोरी
Gwalior Illegal Drinking ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में थाने से करीब 100 कदम की दूरी पर स्थित भूरा दा ढाबा को लेकर भी ऐसे ही आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि रात होते ही यहां शराब पीने वालों की महफिल जमने लगती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि थाने के इतने नजदीक यह गतिविधि लंबे समय से चल रही है तो पुलिस की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही है।
शराब के साथ विवाद और मारपीट का भी खतरा
Gwalior Illegal Drinking ढाबों पर बैठकर शराब पीने की कथित व्यवस्था केवल नियमों की अनदेखी का मामला नहीं है, बल्कि इससे विवाद और मारपीट जैसी घटनाओं की आशंका भी बढ़ती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक रात के समय ऐसे स्थानों पर शराब के नशे में विवाद की स्थिति बन सकती है। अब सवाल यह है कि पुलिस और संबंधित विभाग इन आरोपों की जांच कर कोई कार्रवाई करते हैं या फिर थाने के आसपास चल रही कथित शराबखोरी को इसी तरह नजरअंदाज किया जाता रहेगा।
यदि यहां बिना अनुमति शराब पिलाए जाने की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी होगा। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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