PoK Azadi Andolan: मंधोल में LoC से करीब 7 किलोमीटर दूर जुटी भीड़
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी PoK में चल रहा आंदोलन एक बार फिर तेज होता दिखाई दिया है। मंधोल गांव में आयोजित एक बड़ी रैली में हजारों लोग शामिल हुए। आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शन में करीब 25 हजार लोग जुटे थे। मंधोल गांव LoC से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
रैली में पाकिस्तान के नियंत्रण के खिलाफ नारे लगाए गए और LoC को खत्म करने तथा भारत के जम्मू-कश्मीर से जुड़े पुराने रास्तों को दोबारा खोलने की मांग उठाई गई।
PoK Azadi Andolan: पुंछ-मेंढर के पुराने रास्ते खोलने की मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के नेता सरदार अमान खान ने किया। रैली में खास तौर पर पुंछ और मेंढर के पुराने रास्तों को दोबारा खोलने की मांग रखी गई।
प्रदर्शनकारियों की ओर से LoC की फेंसिंग हटाने और दोनों तरफ के पुराने संपर्क मार्गों को बहाल करने की मांग भी उठाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अमान खान ने प्रदर्शनकारियों से LoC और फेंसिंग को लेकर सवाल किए, जिस पर भीड़ ने समर्थन जताया।
PoK Azadi Andolan: फेंसिंग के पास धरने का ऐलान
रैली के दौरान सरदार अमान खान ने कहा कि जल्द ही LoC की फेंसिंग के पास धरना दिया जाएगा। आंदोलनकारियों की मांग है कि फेंसिंग हटाकर स्थानीय लोगों को पुराने रास्तों के जरिए जम्मू-कश्मीर से संपर्क का अवसर दिया जाए।
ABP की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रदर्शन जून से जारी अशांति के 110वें दिन हुआ था और आयोजकों ने करीब 25 हजार लोगों की मौजूदगी का दावा किया।
PoK Azadi Andolan: पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ भी नारे
मंधोल की रैली में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ भी नारे लगाए गए। रिपोर्टों में बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ भी नारेबाजी की।
रैली में अमान खान ने पाकिस्तान के नियंत्रण और सुरक्षा बलों की भूमिका को लेकर आरोप भी लगाए। ये आरोप प्रदर्शन के दौरान उनके द्वारा लगाए गए हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
PoK Azadi Andolan: जून से जारी है विरोध प्रदर्शन
PoK में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में बिजली की कीमतों, सब्सिडी वाले गेहूं की उपलब्धता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे रहे हैं। Indian Express के अनुसार, Joint Awami Action Committee आंदोलन का प्रमुख संगठन रहा है और 2026 में आरक्षित विधानसभा सीटों से जुड़ा विवाद भी विरोध का महत्वपूर्ण मुद्दा बना।
मंधोल की हालिया रैली में इन स्थानीय मुद्दों के साथ LoC, फेंसिंग और भारत के जम्मू-कश्मीर से पुराने संपर्क मार्ग खोलने की मांग प्रमुखता से सामने आई है। अब LoC के पास प्रस्तावित धरने को आंदोलन के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है।


