भुवनेश्वर से सुमन की रिपोर्ट।
Odisha Development Story: ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने राजस्थान से आए पत्रकारों के साथ बातचीत में राज्य के बदलते आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य पर चर्चा की। बातचीत के दौरान महिला सशक्तीकरण, निवेश, रोजगार, पर्यटन और आधारभूत ढांचे से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।
प्रभाती परिडा के पास वर्तमान में ओडिशा सरकार में महिला एवं बाल विकास, मिशन शक्ति और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और पर्यटन को लेकर राज्य की नीतियां उनकी बातचीत के प्रमुख विषयों में रहीं।
ओडिशा को लेकर लंबे समय से गरीबी, ग्रामीण पिछड़ापन, आदिवासी क्षेत्रों की चुनौतियों और रोजगार के लिए पलायन जैसे मुद्दे चर्चा में रहे हैं। हालांकि, राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में अर्थव्यवस्था, उद्योग, कृषि और महिला आर्थिक भागीदारी में बदलाव के साथ-साथ पलायन जैसी चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है। इसलिए राज्य की विकास यात्रा को एक साथ उपलब्धियों और बाकी चुनौतियों के संदर्भ में देखना जरूरी है।
Odisha Development Story: ओडिशा में विकास का बदलता फोकस
बातचीत के दौरान ओडिशा के विकास मॉडल में आए बदलाव पर चर्चा हुई। राज्य में अब केवल गरीबी उन्मूलन को ही विकास का आधार नहीं माना जा रहा, बल्कि रोजगार, निवेश, उद्योग, महिला आर्थिक सशक्तीकरण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी विकास की रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है।
ओडिशा के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक राज्य की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक क्षेत्र की हिस्सेदारी 41.3 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 39.1 प्रतिशत रही। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की हिस्सेदारी 19.6 प्रतिशत बताई गई है। सर्वेक्षण में उद्योग और सेवाओं में रोजगार बढ़ाने के लिए निवेश सुविधा और कौशल विकास पर जोर दिए जाने का भी उल्लेख है।
Odisha Development Story: महिला समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर जोर
ओडिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला आर्थिक भागीदारी को विकास की प्रक्रिया से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मिशन शक्ति इसी दिशा में राज्य की प्रमुख पहलों में शामिल है।
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा के विभागीय दायरे में मिशन शक्ति और महिला एवं बाल विकास विभाग भी शामिल हैं। सरकार की ओर से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने को विकास की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया गया है।
राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण में भी महिला आर्थिक सशक्तीकरण को परिवार की आय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक परिणामों से जोड़कर देखा गया है। सर्वेक्षण के अनुसार उद्योग और सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयासों में महिलाओं की अधिक भागीदारी वाले क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
Odisha Development Story: निवेश आकर्षित करने की कोशिश तेज
ओडिशा में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से लगातार निवेशक बैठकों और उद्योगों के साथ संवाद किए जा रहे हैं। जून 2026 में राज्य की हाई-लेवल क्लियरेंस अथॉरिटी ने 20 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं में करीब 76,612 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और 50,500 से अधिक रोजगार के अवसर बनने की संभावना बताई गई थी।
मई 2026 में अहमदाबाद, मुंद्रा और वडोदरा में आयोजित निवेशक बैठकों के बाद राज्य सरकार ने 8 एमओयू और 63 निवेश प्रस्तावों का उल्लेख किया था। सरकार के मुताबिक इन प्रस्तावों में 48,330 करोड़ रुपये की निवेश क्षमता और 67,838 से अधिक रोजगार की संभावनाएं शामिल थीं।
सितंबर 2026 में भी ओडिशा सरकार की निवेश गतिविधियां जारी रहीं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दुबई और अबू धाबी में निवेशकों के साथ बैठकें कीं और राज्य में निवेश तथा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
Odisha Development Story: पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी
ओडिशा की अर्थव्यवस्था में पर्यटन को भी महत्वपूर्ण क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की कोशिश की जा रही है। धार्मिक स्थलों के साथ-साथ राज्य के समुद्र तट, प्राकृतिक क्षेत्र, ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन के दायरे में लाने पर जोर है।
प्रभाती परिडा के पास पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी भी है। राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में पर्यटन से जुड़े 208 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी है, जिनमें करीब 678.48 करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख है।
इसका उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी है।
Odisha Development Story: पलायन अभी भी एक बड़ी चुनौती
ओडिशा की विकास कहानी के साथ पलायन का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार 2023 के अनुमान में राज्य में करीब 28.2 लाख वर्तमान प्रवासी थे। इनमें अंतरराज्यीय पलायन की हिस्सेदारी 58.3 प्रतिशत बताई गई है, जबकि रोजगार करीब 60 प्रतिशत प्रवासन निर्णयों का प्रमुख कारण बताया गया।
सर्वेक्षण यह भी बताता है कि प्रवासन कई परिवारों के लिए आजीविका की रणनीति बन चुका है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना ओडिशा के सामने मौजूद महत्वपूर्ण नीतिगत चुनौतियों में शामिल है।
Odisha Development Story: उद्योग के साथ रोजगार पर भी नजर
ओडिशा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में खनन और धातु क्षेत्र की बड़ी भूमिका रही है। अब राज्य सरकार निवेश को अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तार देने की कोशिश कर रही है।
जून 2026 में स्वीकृत परियोजनाओं में ग्रीन एनर्जी उपकरण, सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग, रेयर अर्थ आधारित उत्पाद, ईवी मैग्नेट, फार्मास्यूटिकल्स, रेलवे कोच निर्माण और स्टील जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया था।
इससे संकेत मिलता है कि राज्य की औद्योगिक रणनीति पारंपरिक क्षेत्रों के साथ नए मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी क्षेत्रों को भी जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
Odisha Development Story: शादी के नाम पर महिलाओं की खरीद-फरोख्त पर सख्ती
बातचीत के दौरान महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया गया।
फरवरी 2026 में ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शुरू की थी। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह का वित्तीय बोझ कम करना, महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना और बाल विवाह तथा दहेज जैसी सामाजिक समस्याओं की रोकथाम में मदद करना है। योजना के तहत पात्र दुल्हन को कुल 60 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ शादी के नाम पर होने वाले शोषण और महिलाओं की खरीद-फरोख्त जैसे मामलों पर सख्ती की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
Odisha Development Story: विकास के साथ चुनौतियों पर भी नजर
ओडिशा की बदलती तस्वीर में निवेश, उद्योग, पर्यटन और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में उठाए जा रहे कदम महत्वपूर्ण हैं, लेकिन राज्य के सामने अभी भी रोजगार, ग्रामीण विकास, पलायन और क्षेत्रीय असमानताओं जैसी चुनौतियां मौजूद हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी पलायन को राज्य के सामाजिक-आर्थिक बदलाव का हिस्सा बताते हुए ग्रामीण विकास और शहरी विकास के बीच संतुलित नीति की जरूरत बताई गई है।
राजस्थान के पत्रकारों के साथ बातचीत में सामने आई तस्वीर इसी बदलाव को रेखांकित करती है—ओडिशा अपनी पुरानी सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से निपटते हुए निवेश, पर्यटन, उद्योग और महिला आर्थिक भागीदारी को विकास के नए आधार के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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