Jamshedpur Pending Cases : जमशेदपुर जिले में लंबित आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस विभाग ने अगले दो महीनों के लिए विशेष लक्ष्य तय किया है। एसएसपी डॉ. ऐहतेशाम वकारिब की अध्यक्षता में एसएसपी कार्यालय में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें जिले में अपराध की स्थिति से लेकर लंबित कांडों के अनुसंधान और पुलिस कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज मामलों की स्थिति, उनके अनुसंधान की प्रगति और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर के साथ सभी डीएसपी, इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
Jamshedpur Pending Cases : दो महीने में लंबित कांड 1500 से कम करने का लक्ष्य
अपराध गोष्ठी में एसएसपी ने अधिकारियों को लंबित कांडों का जल्द से जल्द और समयबद्ध तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामलों के निपटारे में तेजी के साथ-साथ अनुसंधान की गुणवत्ता भी बनी रहनी चाहिए।एसएसपी ने अगले दो महीनों में जिले में लंबित कांडों की संख्या 1500 से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सभी पर्यवेक्षी पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और उनकी प्रभावी निगरानी करने को कहा गया है।
Jamshedpur Pending Cases : फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलेगा अभियान
बैठक में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि लंबित वारंट और कुर्की से जुड़े मामलों का जल्द निष्पादन किया जाए। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाने पर जोर दिया गया।इसके अलावा आदतन अपराधियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार ऐसे अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक और कानूनी कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
Jamshedpur Pending Cases : अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा
अपराध गोष्ठी के दौरान अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में अब तक की गई कार्रवाई और आगे की रणनीति की जानकारी ली गई।पुलिस को अवैध हथियार रखने और उनके इस्तेमाल से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अपराधियों के नेटवर्क और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने पर भी जोर दिया गया।
Jamshedpur Pending Cases : चेन स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं पर विशेष निगरानी
शहर और ग्रामीण इलाकों में चोरी तथा चेन स्नैचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए भी पुलिस को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया। ऐसी घटनाओं में शामिल अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया।पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध के पैटर्न की समीक्षा करने और संवेदनशील इलाकों में आवश्यक निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
Jamshedpur Pending Cases : नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई के निर्देश
अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई की भी बैठक में समीक्षा की गई। एसएसपी ने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार छापेमारी और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में सक्रियता बनाए रखने और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
Jamshedpur Pending Cases : साइबर अपराध के मामलों में तेजी से कार्रवाई
बैठक में साइबर अपराध से जुड़े मामलों को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पुलिस को ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करने और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा गया।साइबर अपराध के मामलों में जांच की गति बढ़ाने के साथ आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी माध्यमों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया।
Jamshedpur Pending Cases : महिलाओं से जुड़े अपराधों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई
महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की भी अपराध गोष्ठी में समीक्षा की गई। एसएसपी ने ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारियों को त्वरित और संवेदनशील तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।इसके अलावा यूडी यानी अप्राकृतिक मृत्यु और चोरी से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। इन मामलों में लंबित जांच को जल्द पूरा करने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी करने पर जोर दिया गया।
Jamshedpur Pending Cases : अपराध नियंत्रण के साथ जांच की गुणवत्ता पर जोर
जमशेदपुर पुलिस की इस बैठक में एक तरफ लंबित मामलों के जल्द निपटारे का लक्ष्य रखा गया, तो दूसरी तरफ अनुसंधान की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। अगले दो महीनों में लंबित कांडों की संख्या 1500 से कम करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए थाना स्तर से लेकर पर्यवेक्षी अधिकारियों तक नियमित निगरानी की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।


