Ganesh Chaturthi 2026 : गणेश चतुर्थी पर घर में विराजेंगे भगवान गणेश
Ganesh Chaturthi 2026 : गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में घरों, मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में बप्पा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। मान्यता है कि भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख, शांति, बुद्धि तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि गणेश जी की स्थापना के लिए शुभ समय का विशेष महत्व माना जाता है।
Ganesh Chaturthi 2026 : 14 सितंबर को गणेश जी स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश का जन्म दोपहर के समय हुआ था। इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर का समय बप्पा की स्थापना और पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है। 14 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। यानी भगवान गणेश की स्थापना के लिए करीब 48 मिनट का यह समय विशेष शुभ माना जा रहा है।
Ganesh Chaturthi 2026 : चित्रा नक्षत्र में होगी गणेश पूजा
गणेश चतुर्थी के दिन चित्रा नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। बताया गया है कि चित्रा नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष में नक्षत्रों का विशेष महत्व माना जाता है और शुभ नक्षत्र में पूजा-पाठ तथा धार्मिक कार्य करने से सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
Ganesh Chaturthi 2026 : अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना माना जाता है शुभ
अभिजीत मुहूर्त को धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए पूजा-पाठ और शुभ कार्यों का विशेष फल मिलता है। जिन लोगों की कुंडली में किसी ग्रह की प्रतिकूल दशा चल रही हो, वे भी इस समय भगवान की आराधना करके नकारात्मक प्रभावों को कम करने की कामना कर सकते हैं।
Ganesh Chaturthi 2026 : ब्रह्म योग का भी रहेगा संयोग
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन ब्रह्म योग का संयोग भी बन रहा है। उपलब्ध पंचांग के अनुसार ब्रह्म योग दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। धार्मिक दृष्टि से ब्रह्म योग को भी पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए शुभ माना जाता है।
Ganesh Chaturthi 2026 : सुबह गणेश जी की स्थापना करने वाले इस समय का रखें ध्यान
जो भक्त सुबह के समय अपने घर में गणेश जी को स्थापित करना चाहते हैं, वे चतुर्थी तिथि शुरू होने के बाद बप्पा को विराजमान कर सकते हैं। इस दिन सुबह करीब 7 बजकर 7 मिनट से चतुर्थी तिथि शुरू होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इस दौरान राहुकाल से बचना जरूरी माना जाता है।
Ganesh Chaturthi 2026 : गणेश जी स्थापना के दौरान राहुकाल का करें त्याग
14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 1 मिनट तक राहुकाल रहने की बात कही गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इसलिए जो लोग सुबह गणेश जी की स्थापना करना चाहते हैं, उन्हें इस अवधि को छोड़कर शुभ समय का चयन करना चाहिए।
Ganesh Chaturthi 2026 Puja : गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की आराधना करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। उन्हें बुद्धि, ज्ञान और विवेक का देवता माना जाता है। इसलिए इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है।
Ganesh Chaturthi 2026 : घर में गणेश जी की स्थापना से सुख-शांति की मान्यता
गणेश चतुर्थी के अवसर पर घर में बप्पा को विराजमान करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। मान्यता है कि भगवान गणेश की उपस्थिति से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। भक्त गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक नियमित रूप से बप्पा की पूजा और आरती करते हैं।
Ganesh Chaturthi 2026 : अनंत चतुर्दशी पर होता है गणेश विसर्जन
गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश प्रतिमा के विसर्जन के साथ होता है। भक्त पूरे श्रद्धाभाव से बप्पा को विदाई देते हैं और अगले वर्ष फिर से घर आने की प्रार्थना करते हैं। इस दौरान गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ विसर्जन की परंपरा निभाई जाती है।
Ganesh Chaturthi 2026 : गणेश जी स्थापना के लिए शुभ समय एक नजर में
14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के अवसर पर दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक का अभिजीत मुहूर्त बप्पा की स्थापना के लिए विशेष शुभ माना गया है। वहीं, सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 1 मिनट तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस अवधि में गणेश स्थापना से बचने की सलाह दी जाती है।
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