FASTag Portability : करीब 6 करोड़ एक्टिव FASTag यूजर्स को मिलेगी सुविधा
FASTag Portability : देश में FASTag इस्तेमाल करने वाले करोड़ों वाहन मालिकों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अब बैंक बदलने के लिए गाड़ी की विंडशील्ड पर लगे FASTag स्टिकर को हटाने या नया फिजिकल टैग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। FASTag को मोबाइल SIM की तरह एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकेगा। इसके लिए OneTag नाम की नई पोर्टेबिलिटी सर्विस लॉन्च की गई है।
FASTag Portability : नितिन गडकरी ने लॉन्च की OneTag सर्विस
OneTag सर्विस को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के दौरान लॉन्च किया। देश में इस समय FASTag के करीब 6 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं। ऐसे में नई सुविधा से बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को बैंक बदलने की प्रक्रिया में राहत मिलने की उम्मीद है।ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का शुक्रवार को आखिरी दिन था। कार्यक्रम का उद्घाटन 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
FASTag Portability : पहले बैंक बदलने पर नया FASTag लेना पड़ता था
अब तक FASTag से जुड़े बैंक को बदलने की प्रक्रिया में यूजर को कई चरणों से गुजरना पड़ता था। पुराने बैंक के FASTag अकाउंट को बंद करने के बाद नए बैंक के साथ दोबारा ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करनी होती थी। इसके बाद नया फिजिकल FASTag जारी कराया जाता था।इस पूरी प्रक्रिया में वाहन की विंडशील्ड पर लगे पुराने स्टिकर को हटाना और उसकी जगह नया FASTag लगाना पड़ता था। इससे यूजर को अतिरिक्त प्रक्रिया के साथ री-इश्यू और डिलीवरी जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता था।
FASTag Portability : अब एक ही FASTag कई बैंकों के बीच होगा पोर्टेबल
OneTag सर्विस के बाद FASTag बैंक बदलने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। यूजर को पुराने FASTag अकाउंट को बंद करके नया टैग लेने की जरूरत नहीं होगी। वाहन की विंडशील्ड पर लगा वही FASTag स्टिकर अलग-अलग बैंकों के बीच पोर्ट किया जा सकेगा।यानी अगर कोई FASTag यूजर अपने मौजूदा बैंक की सेवा से दूसरे बैंक में जाना चाहता है, तो उसे नया फिजिकल टैग जारी कराने की जरूरत नहीं होगी। बैंक बदलने की प्रक्रिया बैकएंड सिस्टम के जरिए पूरी की जाएगी।
FASTag Portability : टोल प्लाजा पर नहीं बदलेगा FASTag से भुगतान का तरीका
OneTag शुरू होने के बाद टोल प्लाजा पर वाहन मालिकों के लिए प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी। टोल भुगतान के दौरान किसी तरह का अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत नहीं होगी और वाहन को टोल पर रोककर कोई नई प्रक्रिया पूरी नहीं करनी पड़ेगी।बैंक बदलने से FASTag के जरिए टोल टैक्स कटने की प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ेगा। बैकएंड में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन यानी NETC सिस्टम के जरिए नए बैंक की जानकारी अपडेट की जाएगी। इसका मतलब है कि वाहन मालिक को टोल प्लाजा पर कोई अलग बदलाव नजर नहीं आएगा।
FASTag Portability : बैंक की जानकारी बैकएंड में होगी अपडेट
OneTag की पूरी व्यवस्था के पीछे डिजिटल सिस्टम काम करेगा। FASTag को नए बैंक के साथ जोड़ने के बाद बैकएंड सिस्टम में संबंधित बैंक की जानकारी अपडेट हो जाएगी। इससे वही FASTag नए बैंक के खाते से जुड़ी सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।इस बदलाव का उद्देश्य FASTag से जुड़े बैंक को बदलने की प्रक्रिया को ज्यादा आसान और सुविधाजनक बनाना है।
FASTag Portability : नए FASTag बनने से प्लास्टिक कचरा भी घटेगा
बार-बार बैंक बदलने पर नए FASTag जारी करने की जरूरत कम होने से सरकार को पर्यावरणीय लाभ की भी उम्मीद है। मौजूदा व्यवस्था में बैंक बदलने या टैग दोबारा जारी कराने पर नए फिजिकल FASTag का निर्माण, पैकेजिंग और डिस्पैच करना पड़ता है।OneTag की पोर्टेबिलिटी से ऐसे री-इश्यू कम हो सकते हैं। इससे फिजिकल टैग के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की बचत के साथ प्लास्टिक कचरे को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
FASTag Portability : क्या है RFID और FASTag में इसका काम?
FASTag में रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन यानी RFID तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक वायरलेस तकनीक है, जो रेडियो तरंगों की मदद से टैग में मौजूद चिप से जानकारी पढ़ती है। इसी तकनीक के कारण टोल प्लाजा पर वाहन की पहचान और टोल भुगतान की प्रक्रिया बिना कैश भुगतान किए पूरी हो सकती है।FASTag को वाहन की विंडशील्ड पर लगाया जाता है और टोल प्लाजा पर लगे सिस्टम द्वारा इसकी जानकारी पढ़ी जाती है। इसके बाद संबंधित खाते से निर्धारित टोल राशि काट ली जाती है।
FASTag Portability : NETC क्या है और FASTag में इसकी क्या भूमिका है?
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन यानी NETC एक इंटरऑपरेबल डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे NPCI ने विकसित किया है। यह देशभर के टोल प्लाजा, FASTag जारी करने वाले बैंकों और वाहन मालिकों को एक साझा डिजिटल नेटवर्क से जोड़ता है।इसी व्यवस्था के जरिए अलग-अलग बैंकों द्वारा जारी FASTag को देश के विभिन्न टोल प्लाजा पर इस्तेमाल किया जा सकता है। OneTag की नई सुविधा में भी बैंक बदलने के बाद जानकारी अपडेट करने और FASTag को नए बैंक से जोड़ने में बैकएंड सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
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