Balrampur DEO Financial Irregularity : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के शिक्षा विभाग में करीब 4 करोड़ 51 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। मामले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर विभिन्न मदों में सरकारी राशि के भुगतान और खरीदी को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के बाद जिला प्रशासन की ओर से जांच कराई गई है और अब इस मामले में प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम ने भी सख्त रुख अपनाया है।
Balrampur DEO Financial Irregularity : मामले में करोड़ों के भुगतान पर सवाल
Balrampur DEO Financial Irregularity के आरोपों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शिक्षा विभाग में आकस्मिक व्यय, साइकिल, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तक, स्वच्छता सामग्री, खेल सामग्री, स्टेशनरी और अन्य मदों में भुगतान किया गया। जांच से जुड़े प्रकाशनों में करीब ₹4 करोड़ 51 लाख 65 हजार 159 रुपये के भुगतान को नियमों के विपरीत किए जाने का उल्लेख किया गया है।
मामले में शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर की ओर से जांच टीम गठित की गई। जांच टीम ने दस्तावेजों, कैशबुक, स्टॉक रजिस्टर और संबंधित कर्मचारियों के बयानों का परीक्षण किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार जांच दल ने शिकायत में लगाए गए वित्तीय अनियमितता संबंधी आरोपों को प्रथम दृष्टया प्रमाणित माना और कार्रवाई की अनुशंसा का उल्लेख किया है।
Balrampur DEO Financial Irregularity : साइकिल, फर्नीचर और सामग्री खरीदी को लेकर भी उठे सवाल
जांच के दायरे में साइकिल वितरण, फर्नीचर खरीदी, अध्ययन एवं पाठ्य सामग्री, सफाई सामग्री, खेल और व्यायाम उपकरण सहित कई मद शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि इन मदों में खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया।
साथ ही कुछ सामग्री के वास्तविक वितरण और संबंधित स्कूलों के स्टॉक रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Balrampur DEO Financial Irregularity : मंत्री रामविचार नेताम बोले- दोषी पाए गए तो होगी सख्त कार्रवाई
मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी को संरक्षण नहीं मिलने की बात कही है।
मंत्री के बयान के बाद अब शिक्षा विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन की कार्रवाई पर भी नजर है। खास तौर पर यह देखा जाना है कि जांच रिपोर्ट में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
Balrampur DEO Financial Irregularity : पुराने मामलों का भी शिकायत में किया गया उल्लेख
मनीराम यादव से जुड़े पूर्व पदस्थापना के दौरान के कुछ कथित विवादों और मामलों का भी शिकायतकर्ताओं द्वारा उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इन पुराने आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागीय, पुलिस या न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर होना बाकी है।
इसलिए मौजूदा मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
Balrampur DEO Financial Irregularity : अब जांच रिपोर्ट और शासन के अगले कदम पर नजर
बलरामपुर शिक्षा विभाग से जुड़े इस मामले में सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि ₹4.51 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर अंतिम जांच निष्कर्ष क्या सामने आता है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई की जाती है, इस पर भी सभी की नजर रहेगी।
फिलहाल प्रशासनिक जांच और शासन के अगले कदम का इंतजार है। मामले में आरोपों को अंतिम दोष सिद्धि नहीं माना जा सकता और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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