Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest : भोपाल। सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) शोभित त्रिपाठी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल जोनल कार्यालय ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विवाह सहायता योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेजों के जरिए योजना का लाभ दिलाने से जुड़े मामले में की गई है। ED के मुताबिक मामले में करीब 30.18 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि स्वीकृत और वितरित किए जाने की जांच की जा रही है।
शोभित त्रिपाठी की गिरफ्तारी 2 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई। एजेंसी की ओर से की जा रही जांच में फर्जी आवेदन और लाभार्थियों से संबंधित कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के इस्तेमाल की बात सामने आने का दावा किया गया है।

Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest : मामले में ED की बड़ी कार्रवाई
ED भोपाल जोनल कार्यालय ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया। यह मामला मनरेगा से संबंधित नहीं बताया गया है, बल्कि मध्य प्रदेश में संचालित ₹51 हजार विवाह सहायता योजना से जुड़ा है।
जांच एजेंसी के अनुसार योजना के तहत ऐसे आवेदन और लाभार्थी दस्तावेज सामने आए, जिनकी वास्तविकता को लेकर सवाल उठे हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कथित रूप से योजना की राशि स्वीकृत और वितरित किए जाने की जांच की जा रही है।
Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest : ₹30.18 करोड़ की संदिग्ध राशि जांच के घेरे में
मामले की जांच में करीब 30.18 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि सामने आने की बात कही गई है। ED यह पता लगाने में जुटी है कि योजना के तहत यह राशि किन परिस्थितियों में स्वीकृत की गई और किन लाभार्थियों तक पहुंचाई गई।
एजेंसी फर्जी आवेदन, लाभार्थियों के दस्तावेज और राशि के वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों की भूमिका और धन के वास्तविक प्रवाह का पता लगाना है।
Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest : फर्जी आवेदन और दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप
ED की जांच के अनुसार विवाह सहायता योजना का लाभ लेने के लिए कथित तौर पर फर्जी आवेदन और लाभार्थियों से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर योजना की पात्रता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी जांच की जा रही है।
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि दस्तावेज तैयार करने, आवेदन स्वीकृत कराने और राशि वितरित करने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही। मामले में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है।
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Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest : PMLA की धारा 19(1) के तहत हुई गिरफ्तारी
शोभित त्रिपाठी की गिरफ्तारी PMLA की धारा 19(1) के तहत की गई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें भोपाल की विशेष PMLA अदालत के समक्ष पेश किया गया।
अदालत ने मामले की जांच के लिए ED को 9 सितंबर तक कस्टडी प्रदान की है। इस अवधि में एजेंसी आरोपी से पूछताछ करने के साथ-साथ मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा सकती है।
Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest : ₹51 हजार विवाह सहायता योजना क्या है?
यह मामला उस सरकारी विवाह सहायता योजना से जुड़ा है, जिसके तहत पात्र हितग्राहियों को विवाह के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जांच एजेंसी को संदेह है कि योजना की प्रक्रिया का कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल कर सरकारी राशि का लाभ ऐसे मामलों में लिया गया, जिनकी पात्रता या दस्तावेजों को लेकर सवाल हैं।
अब ED यह जांच कर रही है कि कथित फर्जी लाभार्थियों की पहचान कैसे हुई, आवेदन किस स्तर पर स्वीकृत हुए और भुगतान की प्रक्रिया में किस-किस अधिकारी या व्यक्ति की भूमिका रही।
Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest : मनरेगा से अलग है मामला
शुरुआती जानकारी में इस प्रकरण को मनरेगा से जोड़कर देखा जा सकता है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ED की यह कार्रवाई विवाह सहायता योजना में कथित फर्जीवाड़े से संबंधित है। योजना के तहत स्वीकृत और वितरित की गई संदिग्ध राशि की जांच एजेंसी वित्तीय एंगल से भी पड़ताल कर रही है।
Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest : ED की जांच अभी जारी
Sironj CEO Shobhit Tripathi Arrest मामले में ED की जांच फिलहाल जारी है। एजेंसी कथित फर्जी दस्तावेजों, आवेदन प्रक्रिया, लाभार्थियों और करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
9 सितंबर तक मिली ED कस्टडी के दौरान पूछताछ और दस्तावेजों की जांच से मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित वित्तीय अनियमितताओं में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और धन के पूरे लेन-देन की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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