MP TET Exemption for Teachers : भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर शासकीय शिक्षक संगठन भोपाल ने राज्य सरकार से बड़ी मांग की है। संगठन ने तमिलनाडु की तर्ज पर मध्यप्रदेश विधानसभा में TET के संबंध में विशेष संकल्प प्रस्तुत कर उसे सर्वसम्मति से पारित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्रस्ताव को आवश्यक संशोधन के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए।
MP TET Exemption for Teachers को लेकर संगठन के उपेंद्र कौशल ने कहा कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति तिथि, सेवा अवधि और उस समय लागू नियमों को ध्यान में रखते हुए उन्हें TET से स्थायी छूट दी जानी चाहिए।
उनका कहना है कि वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों की नौकरी, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ केवल TET के कारण प्रभावित नहीं होने चाहिए। संगठन ने इसे हजारों शिक्षकों के भविष्य और सेवा अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया है।
शासकीय शिक्षक संगठन ने मांग की है कि RTE Act की धारा 23 में आवश्यक संशोधन के लिए मध्यप्रदेश विधानसभा की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।
उपेंद्र कौशल ने कहा कि यह विषय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा संबंध लंबे समय से सरकारी सेवा में कार्यरत शिक्षकों के भविष्य और उनके सेवा अधिकारों से है।
संगठन ने मांग रखी है कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से स्थायी छूट दी जाए। साथ ही TET के कारण शिक्षकों की नौकरी, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए।
संगठन का कहना है कि विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाए और सभी दलों के विधायक इसे सर्वसम्मति से पारित करें, ताकि केंद्र सरकार के समक्ष मध्यप्रदेश की ओर से स्पष्ट प्रस्ताव रखा जा सके।
उपेंद्र कौशल ने कहा कि सरकार को शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करना चाहिए और इस समस्या का स्थायी एवं न्यायपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने इस दिशा में रास्ता दिखाया है और अब मध्यप्रदेश को भी पहल करनी चाहिए। उनके मुताबिक विधानसभा में विशेष प्रस्ताव लाकर उसे सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार को भेजने से लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।
शासकीय शिक्षक संगठन का कहना है कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों ने उस समय लागू नियमों के तहत अपनी सेवाएं शुरू की थीं। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद TET को उनकी नौकरी या पदोन्नति से जोड़ने के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
संगठन ने एक बार फिर राज्य सरकार से विशेष संकल्प लाने, शिक्षकों को स्थायी छूट देने और केंद्र सरकार को आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव भेजने की मांग की है।