India Post Drone Tricolor Delivery : डाक विभाग ने ड्रोन से पहुंचाया तिरंगा
India Post Drone Tricolor Delivery : स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले भारतीय डाक विभाग ने तकनीक और राष्ट्रभक्ति का अनोखा संगम पेश किया। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में डाक विभाग ने पहली बार ड्रोन तकनीक के जरिए तिरंगे की डिलीवरी की। यह विशेष पहल हिमाचल प्रदेश में की गई, जहां मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस तक ड्रोन के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज पहुंचाया गया।इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली से हिस्सा लिया। मंडी से भेजा गया तिरंगा रेहड़धार में भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कॉर्प्स से सेवानिवृत्त पूर्व मानद सूबेदार मेजर करतार सिंह ने प्राप्त किया। इस दौरान सिंधिया ने उनसे संवाद भी किया और इस पहल से जुड़ी जानकारी साझा की।

India Post Drone Tricolor Delivery : ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को मिली नई तकनीकी उड़ान
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी कार्यालयों और इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक के दिल में तिरंगे के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करना है।उन्होंने कहा कि मंडी से रेहड़धार तक ड्रोन के जरिए तिरंगा पहुंचाना इसी भावना का प्रतीक है। एक पूर्व सैनिक तक इस तरह तिरंगा पहुंचाना देश की सेवा करने वाले वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी माध्यम है।
India Post Drone Tricolor Delivery : पूर्व सैनिक करतार सिंह ने प्राप्त किया तिरंगा
ड्रोन के जरिए भेजा गया तिरंगा पूर्व मानद सूबेदार मेजर करतार सिंह ने प्राप्त किया। वह भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कॉर्प्स में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस पहल के जरिए डाक विभाग ने तकनीकी प्रगति के साथ देश की सेवा और सैनिकों के सम्मान का संदेश भी दिया।सिंधिया ने कहा कि तिरंगा उनके घर पर लहराए और उनके परिवार के हर सदस्य के मन में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना बनी रहे, यही इस पहल की मूल भावना है।
India Post Drone Tricolor Delivery : हिमाचल और असम में बनाए गए 150 ड्रोन रूट
ड्रोन आधारित डाक सेवा को विस्तार देने के लिए हिमाचल प्रदेश और असम में कुल 150 ड्रोन रूट निर्धारित किए गए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश में 110 और असम में 40 रूट शामिल हैं।मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहड़धार तक तिरंगे की डिलीवरी इसी नेटवर्क का हिस्सा है। हिमाचल प्रदेश में ड्रोन के जरिए डिलीवरी सेवा जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इसके बाद असम में भी ड्रोन डिलीवरी का सफल परीक्षण और संचालन किया गया।
India Post Drone Tricolor Delivery : दूरदराज इलाकों तक पहुंचेगी डाक सेवा
डाक विभाग लंबे समय से देश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। ड्रोन तकनीक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।सिंधिया ने कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल केवल सुविधा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि देश के अंतिम छोर तक रहने वाले लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है। ड्रोन डिलीवरी भारतीय डाक के व्यापक नेटवर्क और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को जोड़ने वाली पहल है।
India Post Drone Tricolor Delivery : ‘डाक सेवा, जन सेवा’ के संकल्प पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय डाक के मूल मंत्र ‘डाक सेवा, जन सेवा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग नई तकनीकों को अपनाकर देश के प्रत्येक नागरिक तक अपनी सेवाओं की पहुंच मजबूत कर रहा है।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से पहाड़ी, दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में डाक सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे अंतिम छोर तक सेवाओं की डिलीवरी तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
India Post Drone Tricolor Delivery : स्वतंत्रता दिवस और वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का विशेष अवसर
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सिंधिया ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के साथ ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ का भी विशेष अवसर है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ जैसे अवसर देशवासियों के भीतर राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करते हैं।
India Post Drone Tricolor Delivery : तिरंगे के सम्मान और ‘हर घर तिरंगा’ से जुड़ने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने देशवासियों से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को बनाए रखने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने की भी अपील की।ड्रोन के माध्यम से तिरंगे की यह पहली डिलीवरी भारतीय डाक की पारंपरिक सेवा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक खास पहल के रूप में सामने आई है।
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