MP Government Jobs : भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने “मध्य प्रदेश सेवा की सामान्य शर्तें नियम-2026” का प्रारूप जारी किया है, जिस पर 15 जून तक आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, दो से अधिक संतान वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। हालांकि, यदि दूसरी संतान के रूप में जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ है तो ऐसे मामलों में विशेष छूट का प्रावधान रखा गया है।
राज्य में दो-बच्चे संबंधी यह व्यवस्था पहले से लागू है और वर्ष 2001 के बाद दो से अधिक संतान होने की स्थिति में सरकारी सेवाओं में नियुक्ति पर रोक का प्रावधान है। नए ड्राफ्ट में इस नीति को बरकरार रखा गया है।

सरकार ने मसौदे पर लोगों की राय आमंत्रित की है। इच्छुक नागरिक 15 जून 2026 तक अपने सुझाव विभाग की ई-मेल आईडी या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से भेज सकते हैं। तय समय सीमा के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
MP Government Jobs : स्थायीकरण प्रक्रिया में भी बदलाव
नए प्रस्ताव के तहत सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले कर्मचारी को सेवा में नियुक्ति के बाद स्थायी माना जाएगा और यह स्थिति पूरी सेवा अवधि तक प्रभावी रहेगी। वर्तमान व्यवस्था में पदोन्नति के बाद अलग-अलग चरणों में स्थायीकरण के आदेश जारी किए जाते हैं।
साथ ही प्रोबेशन अवधि से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन प्रस्तावित हैं। कर्मचारियों के प्रदर्शन और आवश्यक शर्तों का मूल्यांकन निर्धारित अवधि के भीतर किया जाएगा।
MP Government Jobs : रैंक के आधार पर तय होगी वरिष्ठता
ड्राफ्ट नियमों में वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया में भी बदलाव का सुझाव दिया गया है। सीधी भर्ती से चयनित कर्मचारियों की वरिष्ठता जॉइनिंग की तारीख के बजाय चयन सूची में प्राप्त रैंक के आधार पर तय की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी प्रोबेशन अवधि के दौरान निर्धारित परीक्षा या शर्तें पूरी नहीं कर पाता है तो उसकी वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है।
MP Government Jobs : एनओसी अनिवार्य
यदि कोई उम्मीदवार पहले से किसी सरकारी विभाग, निगम, मंडल या सार्वजनिक उपक्रम में कार्यरत है, तो उसे दस्तावेज सत्यापन के समय अपने वर्तमान नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उसकी उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती है।
इसके अलावा जिन उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं, उनकी नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक लंबित रखी जा सकती है। सरकार का कहना है कि प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा के बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे।

