Drinking Water Supply : बकाया बिजली बिल के अभाव में नहीं रुकेगी नल जल योजना, हैंडओवर नल-जल योजनाओं के समय पर बिल चुकाने के निर्देश
Drinking Water Supply : जिले में गर्मी के मौसम में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और किसी भी पेयजल समस्या से निपटने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल निगम नगर निगम और जिला पंचायत के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संबंध में दैनिक रूप से समीक्षा की जाएगी और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा। बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों और पेयजल संकट के मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री ई ई पी एच ई सागर को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं।

Drinking Water Supply : कलेक्टर ने जिले की विभिन्न जनपदों के सीईओ को मैदानी स्तर पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां भी बोरवेल या नल-जल योजनाओं की मोटर जलने या खराब होने की शिकायत आती है, उसे तत्काल सुधारा जाए। जनपद सीईओ यह सुनिश्चित करें कि बंद पड़े या खराब बोरवेल की मोटर को 24 घंटे के भीतर सुधारा या बदला जाए। किसी भी परिस्थिति में नल-जल योजना की खराबी का सुधार कार्य 48 घंटे से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए।
Drinking Water Supply : कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले की कोई भी नल-जल योजना बिजली बिल के भुगतान न होने के कारण बंद नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित करें ताकि विद्युत आपूर्ति सुचारू रहे और जलापूर्ति बाधित न हो।पेयजल व्यवस्था की त्वरित निगरानी और सुधार कार्य के लिए कलेक्टर ने मैकेनिकल विभाग को कड़े निर्देश दिए कि वे अपनी गाड़ियों (मैकेनिक वाहनों) का अगले 10 दिनों का विस्तृत और रूट-वाइज रोस्टर तैयार करें। इस रोस्टर को वरिष्ठ अधिकारियों से स्वीकृत कराकर तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए ताकि तकनीकी अमला क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे और शिकायतों का त्वरित निवारण हो सके।
Drinking Water Supply : जल स्रोतों की गुणवत्ता जांचना अनिवार्य
Drinking Water Supply : बैठक में पानी की शुद्धता को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन भी जल स्रोतों से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की जा रही है, वहां पानी की गुणवत्ता का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए, जिससे आम जनता को शुद्ध पेयजल मिल सके।नल-जल योजनाओं और जल निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जहाँ भी पानी की सही पहुंच नहीं है, वहाँ जल निगम और पी एच ई की संयुक्त टीम बनाकर मौके का निरीक्षण करें। यदि जल स्रोत की कमी या किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण कोई योजना बंद पड़ी है, तो उसकी रिपोर्ट तुरंत तैयार की जाए और समानांतर रूप से वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहे।उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि आम जनता को पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सीधे कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी, नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन , सभी जनपद सीईओ, सी एम ओ, पी एच ई और जल निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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