,

PM Narendra Modi ने जाना क्या है विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, क्यों इस पर इतना जोर देते हैं CM डॉ. यादव

https://swadeshlive.com/pm-narendra-modi-vikramaditya-vedic-clock/

PM Narendra Modi: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सपना विक्रमादित्य वैदिक घड़ी पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आम जनता तक इस वैदिक घड़ी के आकर्षण से बंध चुके हैं। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश प्रवास के दौरान काशी विश्वनाथ परिसर में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन किया। मध्यप्रदेश के महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुआ विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का सफर देश के अन्य तीर्थ स्थलों से भी गुजर रहा है। इस वैदिक घड़ी की खासियत है कि यह समय तो बताती ही है, साथ ही सूर्योदय, मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति और पंचांग की जानकारी भी देती है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घड़ी को देखते ही इसकी पूर्ण जानकारी ली। इसको न केवल पास से देखा, बल्कि इसकी कार्यप्रणाली भी समझी। इस घड़ी को कुछ महीने पहले ही काशी विश्वनाथ मंदिर के परिसर में स्थापित किया गया है। यह वैदिक घड़ी इसी महीने की 3 तारीख को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की थी। ठीक अगल दिन इसे काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित कर दिया गया था।

PM Narendra Modi: सूर्योदय से सूर्योदय के समय पर आधारित

बता दें, काशी विश्वनाथ से पहले यह वैदिक घड़ी उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित हो चुकी है। भारत की प्राचीन वैदिक कालगणना इस विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का आधार है। इसे उज्जैन के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के विद्वानों ने तैयार किया है। इसका समय बताने की तरीका पूरी तरह अलग है। यह घंटे-मिनट पर नहीं, बल्कि सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2024 में उज्जैन में लोकार्पित किया था।

PM Narendra Modi: सीएम डॉ. यादव का इस बात पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन को प्राइम मेरिडियन के रूप में स्थापित करने के लिए शोध और काम करने पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि ग्रीनविच मीन टाइम यानी जीएमटी पश्चिमी संस्कृति द्वारा थोपा गया है। जीएमटी सूर्यास्त-सूर्योदय के बजाय आधी रात को दिन की शुरुआत मानता है। यह गणना गलत है। बता दें, उज्जैन में कर्क रेखा पर स्थित होने के कारण इसे वैज्ञानिक और खगोलीय रूप से सटीक माना जाता है।

read also: MP NEWS : अब सिलेबस में पढ़ेंगे, तीर्थ स्थल में देखेंगे राजा हिरदेशाह की जीवन यात्रा, ये है सीएम डॉ. मोहन यादव का प्लान

Bhadohi Name Change: भदोही फिर बनेगा संत रविदास नगर, सीएम योगी ने किया बड़ा ऐलान

Report: Vandna Rawat Bhadohi Name Change उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ…

Moradabad News: पार्षद पति सद्दाम की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी, फांसी के फंदे पर मिला शव

Moradabad News मुरादाबाद के जयंतीपुर स्थित मियां कॉलोनी में पार्षद पति सद्दाम…