Agriculture Programme : मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की असली ताकत है और यही हमारी सरकार का संकल्प भी। ये कहना है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का। कृषि कल्याण वर्ष 2026 के संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का प्रदेश की जनता के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम न केवल अन्नदाता की आर्थिक उन्नति के लिए संकल्पित हैं, बल्कि उनके जीवन में सुख और आनंद के सूर्योदय का भी प्रयास कर रहे हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाए बिना प्रदेश के सर्वांगीण विकास की कल्पना अधूरी है।
Agriculture Programme : सच्चा वादा-पक्का काम, हमारा संकल्प किसान कल्याण
हमारी सरकार किसानों के हर सुख-दुख में साथ है। इसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार निरंतर किसान हितैषी ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह 22 लाख मीट्रिक टन की अभूतपूर्व वृद्धि न केवल हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है, बल्कि उनकी आय को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है।

Agriculture Programme : मध्यप्रदेश सरकार के विशेष अनुरोध पर दी केंद्र ने मंजूरी
उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में 6 दिन होगा और शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा, साथ ही 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ा दिया गया है।यह कदम राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों से जो वादा किया, पूरा करके भी दिखाया। मैं प्रदेश के सभी किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि उनकी मेहनत, पसीना और आपका भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी सरकार किसानों की खुशहाली और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।क्योंकि मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।।
• गेहूं खरीदी के कोटे में 22 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त वृद्धि
• 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया
• केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार के विशेष अनुरोध पर को दी मंजूरी
• मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार
• मध्यप्रदेश के किसानों के हित में केंद्र व राज्य सरकार का बड़ा फैसला
• राज्य में इस वर्ष हुए बंपर उत्पादन को देखते हुए लिया गया फैसला
• अधिक से अधिक किसानों की उपज को MSP पर खरीदा जा सकेगा
• हर किसान के गेहूं का एक एक दाना राज्य सरकार खरीदेगी- सीएम
• सरकार ने की घोषणा, गेहूं खरीदी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी
• पहले छोटे किसानों, फिर मध्यम, अंत में बड़े किसानों से होगी खरीदी
• वर्ष 2026 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित
• समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राज्य सरकार अतिरिक्त बोनस भी 40 रू. दे रही
• किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग की तिथि 9 मई तक बढ़ाई गई
• 6 दिन खुले रहेंगी मंडी, उपार्जन केंद्रों पर सप्ताह में 6 दिन होगी गेहूं खरीदी
Agriculture Programme : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के गेहूं उपार्जन का कार्य जारी है। इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की फसल का बंपर उत्पादन हुआ है। पिछले वर्ष के मुकाबले राज्य के लिए गेहूं खरीदी का कोटा केंद्र सरकार द्वारा 3 लाख मीट्रिक टन बढ़ाया गया था, लेकिन इस वर्ष गेहूं उत्पादन लगभग दोगुना हुआ है। वैश्विक स्तर पर निर्यात को लेकर अनेक चुनौतियां हैं।
उपार्जन के लिए जूट के बोरों की उपलब्धता का भी संकट सामने आ रहा है। पिछले साल के गेहूं के भंडारण के बाद भी राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है। राज्य में किसान हितैषी सरकार है, हर स्थिति में हम उनकी मदद के लिए तत्पर हैं। बीते समय में भी सोयाबीन के उचित मूल्य दिलवाने के लिए किसानों को भावांतर की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। वर्तमान समय में भी किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। क्रमश: सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। अगर आवश्यकता हुई तो उपार्जन की तारीख भी बढ़ाई जा सकती है।

