Aap Internal Rift : मैं उनकी दोस्ती के काबिल नहीं था, क्योंकि मैं उनके गुनाह में शामिल नहीं था।
Aap Internal Rift : आप यानि (आम आदमी पार्टी) में दरार पड़ गई है, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल होंगे। तीनों ही राज्यसभा के सांसद हैं। राघव चड्ढा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी देश के लिए नहीं अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही थी, जो पार्टी भ्रष्ट्रचार हटाने के नाम पर बनी वो कंपरमाइज्ड लोगों के हाथ में है। हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालिवाल और विक्रम साहनी भी बीजेपी में शामिल होंगे।
Aap Internal Rift : राघव चड्ढा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के 2 तिहाई सासंद बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा आप पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा। मैं ऐलान कर रहा हूं कि मैं आम आदमी पार्टी से दूर हो रहा हूं। मैं इस पार्टी का फाउंडिंग मेंबर था। मुझसे अधिक इस पार्टी को शायद कोई और जानता होगा। अब आम आदमी पुरानी पार्टी नहीं रही है। उन्होंने कहा कि क्यों उन्होंने एक साल से पार्टी की गतिविधि से दूर कर लिया था,

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Aap Internal Rift : मैं उनकी दोस्ती के काबिल नहीं था, क्योंकि मैं उनके गुनाह में शामिल नहीं था।
संदीप पाठक ने कहा, मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था ये स्थिति आएगी और ये आ गई। आज आम आदमी पार्टी से अपने रिश्ते अलग कर रहा हूं. मैं किसान परिवार से आया फिर पढ़ाई लिखाई की. सिर्फ एक मकसद से राजनीति में आया कि देश के लिए कुछ बड़ा कर सकूं. देश सेवा के मकसद से आम आदमी पार्टी में जुड़ा. मैंने हमेशा अरविंद केजरीवाल को आगे रखा. अब तक मैंने जो भी निर्णय लिया पार्टी को सर्वोपरि रखकर लिया. मैंने पूरी इमानदारी के साथ काम किया . देश में राजनीतिक दल रहने चाहिए. मेरे रास्ते आज से अलग हैं.”
आप की तरफ से सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी
आपको बता दें कि हाल ही में राघव चढ़ा को हटाकर अशोक मित्तल को आप का राज्यसभा में उपनेता बनाया गया था। अब मित्तल राघव साथ आ गए हैं। कुछ दिनों पहले अशोक मित्तल के यहां छापेमारी भी हुई थी। सूत्रों के अनुसार इन नेताओं ने पार्टी की कार्यशैली और दिशा को लेकर असंतोष जताया है।
Aap Internal Rift : पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी
बताया जा रहा है कि कुछ अन्य नेता भी पार्टी के निर्णयों और नेतृत्व की कार्यप्रणाली से असहमति है। उनका मानना है कि पार्टी अपने मूल एजेंडे से भटक रही है। इसी वजह से कई वरिष्ठ नेताओं के बीच दूरी बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं।
Aap Internal Rift : हालिया घटनाओं से बढ़ी चर्चाएं
हाल के दिनों में संगठनात्मक बदलाव और कुछ नेताओं की भूमिकाओं में फेरबदल ने भी इन चर्चाओं को हवा दी है। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी के अंदर सब कुछ सामान्य नहीं है।
Aap Internal Rift : सियासी असर क्या होगा?
अगर ये घटनाक्रम सही साबित होते हैं, तो इसका असर न सिर्फ Aam Aadmi Party बल्कि व्यापक राजनीति पर भी पड़ सकता है। विपक्ष और अन्य दल इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें इन नेताओं के अगले कदम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में स्थिति और साफ हो सकती है।
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