Women Reservation Bill : सासाराम में गरजे उपेंद्र कुशवाहा
Women Reservation Bill : सासाराम में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन की पार्टियों ने मिलकर महिलाओं के साथ छल किया है और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को रोकने का काम किया है।

Women Reservation Bill : महिलाओं के हक छीनने का आरोप
कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि देश और खासकर बिहार की महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि यह बिल पारित हो जाता, तो महिलाओं को संसद और विधानसभा में ज्यादा हिस्सेदारी मिलती, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे रोककर महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है।
Women Reservation Bill : परिसीमन से बदल सकता था बिहार का राजनीतिक नक्शा
उन्होंने बताया कि परिसीमन लागू होने पर बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो सकती थी। इसी तरह विधानसभा सीटें 243 से बढ़कर 365 हो जातीं, जिससे महिलाओं को अधिक अवसर मिलते। कुशवाहा के अनुसार, यह बदलाव राज्य के विकास और प्रतिनिधित्व दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता।
Women Reservation Bill : 22 अप्रैल को निकलेगा ‘धिक्कार मार्च’
उपेंद्र कुशवाहा ने घोषणा की कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में ‘धिक्कार मार्च’ निकालेगी। इस मार्च के जरिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के “वास्तविक चरित्र” को जनता के सामने लाया जाएगा।
Women Reservation Bill : वर्षों से जारी है संघर्ष
कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से परिसीमन के मुद्दे पर संघर्ष कर रही है। उनका मानना है कि यह कदम न केवल राजनीतिक संतुलन बनाएगा बल्कि समाज के सभी वर्गों, खासकर महिलाओं को मजबूत प्रतिनिधित्व देगा।
Women Reservation Bill : राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।
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