SDOP Effigy Burning : 2 अप्रैल की घटना ने राजनीतिक रंग पकड़ा, पत्रकारों और नेताओं में आक्रोश
SDOP Effigy Burning : 2 अप्रैल को भानुप्रतापपुर के मुख्य चौक में कुछ ग्रामीणों ने रेत तस्करों का साथ देने का आरोप लगाते हुए एसडीओपी शेर बहादुर सिंह का पुतला फूँक दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीति गरमा गई और मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

SDOP Effigy Burning : इसी बीच नगर पंचायत पार्षद तुषार ठाकुर ने पत्रकारों को “चोर-चोर मौसेरे भाई” और एसडीओपी का दलाल कहकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे जिले भर के पत्रकारों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने भानुप्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
SDOP Effigy Burning : समाज और प्रशासन ने भी लिया संज्ञान, राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा
SDOP Effigy Burning : आज समाज के लोगों ने एसडीओपी शेर बहादुर सिंह के समर्थन में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर पुतला दहन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही पार्षद तुषार ठाकुर के खिलाफ अतिक्रमण समेत कई मामलों में शिकायतें की जा रही हैं।कुछ लोगों का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम स्थानीय विधायक के संरक्षण में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। मामला लगातार तूल पकड़ रहा है और प्रशासन इसकी जांच में जुटा हुआ है।

