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Uttar Pradesh में महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय, गन्ना उत्पादन और वैल्यू एडिशन में निभाएंगी अहम भूमिका, CM योगी ने साइन किया एमओयू

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Report by: Vandana Rawat

Uttar Pradesh: योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि आधारित गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के बीच हाल ही में एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अब प्रदेश की ‘आधी आबादी’ गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएगी।

Uttar Pradesh: गन्ने से जुड़े अन्य उत्पाद बनाने का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण

गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर मिलेगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 47.5 लाख गन्ना किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। इसमें करीब 2.95 लाख महिला किसान शामिल हैं।

इसके अलावा 57 हजार से अधिक महिला किसान 3,000 से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गन्ने की उन्नत किस्मों की पौध तैयार करने का कार्य कर रही हैं। ये समूह गन्ने की नई प्रजातियों के तेजी से प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस पहल के तहत महिलाओं को केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें गन्ने से जुड़े अन्य कार्यों जैसे प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद निर्माण, गुड़ और अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्माण में भी प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

Uttar Pradesh: तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन पर दिया जा रहा जोर

गन्ना आयुक्त का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि प्रदेश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। इसी सोच के तहत योगी सरकार लगातार महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। चाहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान हो या स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की योजनाएं, हर स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य है कि महिला स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर उन्हें गन्ना क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता वृद्धि में भी योगदान देंगी। यह पहल गन्ना उत्पादन प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है। महिला समूहों द्वारा तैयार की जा रही उन्नत किस्मों की पौध से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन मिलेगा। साथ ही, वैल्यू एडिशन के जरिए उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि आएगी।

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