Israel Iran negotiations: इजरायल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ को अपनी ‘हिट लिस्ट’ से हटा दिया है। यह कदम अमेरिका के आग्रह पर उठाया गया, जिसे पाकिस्तान ने मध्यस्थता करके संभव बनाया।
Israel Iran negotiations: हमले की योजना थी तैयार
रॉयटर्स ने पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल के पास अराघची और गालिबफ के ठिकानों की जानकारी थी और वे इन्हें निशाना बनाना चाहते थे। पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि अगर ये दोनों नेताओं को मार दिया गया तो वार्ता के लिए कोई बड़ा प्रतिनिधि नहीं बचेगा। इसके बाद अमेरिका ने इजरायल को इन दोनों को निशाना बनाने से रोकने का दबाव बनाया।
Israel Iran negotiations: शांति वार्ता की संभावना के लिए विराम
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इन दो शीर्ष नेताओं पर कुछ दिन तक हमला नहीं किया जाएगा ताकि शांति वार्ता की संभावना तलाशी जा सके। फिलहाल पाकिस्तान की सेना और विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है, और इजरायली अधिकारियों ने भी टिप्पणी नहीं की।
Israel Iran negotiations: पाकिस्तान की मध्यस्थता और कूटनीतिक प्रयास
अराघची और गालिबफ पर हमला रोकने का निर्णय ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम और वार्ता के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान ने दोनों देशों के साथ सीधे संपर्क बनाए रखा है और शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद को संभावित स्थल माना जा रहा है।
Israel Iran negotiations: अमेरिका का 15-सूत्रीय प्रस्ताव
पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका ने ईरान को 15 बिंदुओं वाला प्रस्ताव भेजा है। इसमें ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को हटाने, संवर्धन रोकने, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक और क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए फंडिंग बंद करने जैसे कदम शामिल थे। ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।
Israel Iran negotiations: ईरानी नेताओं पर इजरायली हमले
28 फरवरी के बाद इजरायल ने लगातार ईरानी नेताओं और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया है। इस दौरान अयातुल्लाह खामेनेई, अली लारीजनी और अन्य बड़े राजनेता मारे गए हैं। इजरायली अधिकारियों ने बार-बार धमकी दी है कि सभी वरिष्ठ ईरानी अधिकारी उनके निशाने पर हैं।





