वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कवर्धा वनमंडल ने वन्यजीव अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तेंदुआ खाल सहित अन्य अवैध सामग्री जप्त कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
Leopard skin seizure : संयुक्त टीम ने की छापेमारी

कार्रवाई वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, भोपाल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल रायपुर से मिली सूचना के आधार पर की गई। संयुक्त जांच समिति में कवर्धा वनमंडल के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। टीम ने थाना तरेगांव क्षेत्र के ग्राम गुडली और कवर्धा परिक्षेत्र के ग्राम चोरभट्टी में दबिश दी।
Leopard skin seizure : तेंदुआ खाल और अवैध सामग्री बरामद
वनमंडलाधिकारी के अनुसार 20 मार्च 2026 को मिली सूचना के बाद कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपियों के कब्जे से दो तेंदुआ खाल, हड्डियां, नाखून और अन्य सामग्री बरामद की गई।
Leopard skin seizure : 5 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में संतराम धुर्वे, सुखराम मेरावी, अघनू धुर्वे, सहैततर मरकाम और कनस टेकाम को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी अलग-अलग गांवों के निवासी हैं।
Leopard skin seizure : तांत्रिक गतिविधियों में उपयोग की बात स्वीकार
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि तेंदुआ खाल का उपयोग पूजा-पाठ और तांत्रिक गतिविधियों में किया जाता था।
Leopard skin seizure : वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं 9, 39, 44, 50, 51 और 52 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
Leopard skin seizure : न्यायालय में पेश, रिमांड पर भेजे गए
सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

