by: digital desk
भोपाल, भारत में इस साल ईद-उल-फितर 21 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। रमजान के पूरे 30 रोजे पूरे होने के बाद अब चांद दिखने के साथ ही शव्वाल महीने की शुरुआत होगी और ईद का त्योहार मनाया जाएगा।
Eid 2026 Moon Sighting : चांद दिखने पर निर्भर है ईद
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार ईद-उल-फितर की तारीख चांद के दीदार पर तय होती है। यदि 29वें दिन चांद दिखाई दे जाए तो अगले दिन ईद होती है, अन्यथा 30 रोजे पूरे होने के बाद त्योहार मनाया जाता है। इस बार 19 मार्च को चांद नजर नहीं आया, इसलिए रमजान 30 दिन का रहा।
Eid 2026 Moon Sighting : इन देशों में आज मनाई जा रही ईद
सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देशों जैसे तुर्की, कतर, बहरीन, कुवैत और लेबनान में 20 मार्च को ही ईद मनाई जा रही है, क्योंकि वहां चांद पहले दिखाई दे गया था।

Eid 2026 Moon Sighting : शहरों के अनुसार चांद दिखने का समय
भारत के अलग-अलग शहरों में चांद निकलने का समय थोड़ा अलग रहेगा। अनुमानित समय इस प्रकार है:
- भोपाल – शाम 6:59 बजे
- रायपुर – शाम 6: 56 बजे
- दिल्ली – शाम 6:56 बजे
- मुंबई – शाम 7:20 बजे
- लखनऊ – शाम 6:42 बजे
- श्रीनगर – शाम 7:02 बजे
- पटना – शाम 6:25 बजे
- हैदराबाद – शाम 6:58 बजे
- कोलकाता – शाम 6:14 बजे
- जयपुर – शाम 7:03 बजे
- बेंगलुरु – शाम 7:05 बजे
- रांची – शाम 6:26 बजे
Eid 2026 Moon Sighting : इन जगहों पर दिखती है खास रौनक
देश में ईद का जश्न कई प्रमुख शहरों में खास तौर पर देखा जाता है। दिल्ली की जामा मस्जिद, हैदराबाद का चारमीनार, लखनऊ का ऐशबाग ईदगाह, श्रीनगर की हजरतबल दरगाह, मुंबई की हाजी अली दरगाह और कोलकाता का रेड रोड जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचते हैं।
Eid 2026 Moon Sighting : त्योहार का महत्व
ईद-उल-फितर को ‘मीठी ईद’ भी कहा जाता है। इस दिन लोग नमाज अदा करते हैं, एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और घरों में सेवइयां व अन्य पकवान बनाकर खुशियां मनाते हैं।
Eid 2026 Moon Sighting : भारत की साझा संस्कृति का मंत्र “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना
भारत विविधताओं का देश है, यहां भाषा, खान-पान, वेशभूषा, परंपराएं और धर्म अलग-अलग होते हुए भी एक गहरी एकता की डोर में बंधे हुए हैं। यही कारण है कि यहां हर त्योहार सिर्फ किसी एक धर्म का नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज का उत्सव बन जाता है। ईद-उल-फितर भी ऐसा ही एक पर्व है, जिसे भारत में सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर मनाते हैं और यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
भारत की संस्कृति हजारों वर्षों पुरानी है और इसकी जड़ें गहराई तक फैली हुई हैं। यहां “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना को जीवन में उतारा जाता है, जिसका अर्थ है, पूरी दुनिया एक परिवार है। इस सोच के कारण भारत में रहने वाले लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं, चाहे वह दिवाली हो, होली हो, क्रिसमस हो या ईद। यही साझा संस्कृति भारत को दुनिया के अन्य देशों से अलग बनाती है।
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