share-market-crash : नई दिल्ली। वैश्विक तनाव और मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष के असर से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिन के कारोबार के दौरान बिकवाली तेज रही और प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे।
दोपहर तक सेंसेक्स करीब 1,290 अंक टूटकर 80 हजार के नीचे फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 400 अंकों से अधिक गिरकर 24,800 के आसपास कारोबार करता रहा। निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता के कारण बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति साफ नजर आई।

share-market-crash : वैश्विक कारणों से बढ़ी चिंता
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। बढ़ते क्रूड ऑयल से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते कई सेक्टरों में बिकवाली हावी रही।
share-market-crash : इन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी
एविएशन, ट्रैवल, पेंट, टायर और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर खास दबाव देखा गया। इसके अलावा अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
share-market-crash : डिफेंस शेयरों में आई तेजी
जहां एक ओर बाजार में गिरावट रही, वहीं डिफेंस सेक्टर के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। संभावित रक्षा खर्च बढ़ने की उम्मीद से इस सेक्टर में खरीदारी का रुझान बना रहा। कुछ प्रमुख डिफेंस कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया।
share-market-crash : सुरक्षित निवेश की ओर रुख
अनिश्चित माहौल के बीच निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया। गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में तेज खरीदारी देखी गई, जिससे इनकी कीमतों में अच्छी बढ़त दर्ज हुई।
share-market-crash : दिन का समापन
अंत में बाजार करीब 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। फार्मा, मेटल और डिफेंस को छोड़कर अधिकांश सेक्टर कमजोरी के साथ बंद हुए। भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कच्चे तेल और वैश्विक अनिश्चितता के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को फिलहाल सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है।

