New nexus of Pakistani terrorism: पाकिस्तान में आतंक का नया गठजोड़ उजागर
New nexus of Pakistani terrorism: पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का सुरक्षित ठिकाना बनता नजर आ रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने सनसनी मचा दी है, जिसमें हमास के सीनियर कमांडर नाजी जहीर और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर राशिद अली संधू को एक ही मंच पर देखा गया है। यह मुलाकात पाकिस्तान के गुजरांवाला में पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के एक कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक फ्रंट माना जाता है।

New nexus of Pakistani terrorism: पहलगाम हमले से पहले भी पाकिस्तान आया था हमास नेता
यह संयोग नहीं बल्कि एक खतरनाक पैटर्न माना जा रहा है कि पहलगाम आतंकी हमले से कुछ महीने पहले भी नाजी जहीर पाकिस्तान और पीओके के दौरे पर था। फरवरी 2025 में उसने पीओके में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के साथ मंच साझा किया था। पहलगाम हमला जिस तरह से अंजाम दिया गया, उसका तरीका 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमास के हमले से काफी मिलता-जुलता बताया गया। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां आशंका जता रही हैं कि पाकिस्तान एक बार फिर भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा है।
New nexus of Pakistani terrorism: हमास–पाकिस्तान का पुराना और गहरा रिश्ता
नाजी जहीर के पाकिस्तान से संबंध नए नहीं हैं। जनवरी 2024 में वह कराची गया था और कराची प्रेस क्लब में उसने भाषण दिया था। अप्रैल 2024 में इस्लामाबाद प्रेस क्लब में उसे सम्मानित किया गया। 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के ठीक एक हफ्ते बाद, 14 अक्टूबर को जहीर पाकिस्तान पहुंचा और वहां मौलाना फजल-उर-रहमान से मुलाकात की। ये सभी घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि पाकिस्तान और हमास के बीच वैचारिक और रणनीतिक तालमेल लंबे समय से बना हुआ है।

New nexus of Pakistani terrorism: पहलगाम के बाद भारत का जवाब – ऑपरेशन सिंदूर
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन के जरिए भारत ने आतंकियों के नेटवर्क और उनके मददगार ढांचे पर सीधी चोट की थी। भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया था। एक अमेरिकी रिसर्च फर्म के दावे के मुताबिक, संघर्ष को रोकने के लिए पाकिस्तान ने करीब 60 बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुहार लगाई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तनाव कम करने के लिए भारत की ओर से भी कूटनीतिक संपर्क किए गए, लेकिन भारत ने आतंकवाद पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति से कोई समझौता नहीं किया।
New nexus of Pakistani terrorism: फिर किसी बड़े हमले की साजिश? भारत सतर्क
अब हमास और लश्कर-ए-तैयबा की ताजा मुलाकात ने एक बार फिर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पाकिस्तान एक और पहलगाम जैसे हमले की तैयारी कर रहा है? क्या हमास का नेता पाकिस्तानी आतंकियों के साथ भारत विरोधी रणनीति साझा करने आया है? भारत के लिए यह केवल एक सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को बेनकाब करने का भी बड़ा मौका है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान आतंक को विदेश नीति के औजार के रूप में इस्तेमाल करता रहा है, लेकिन भारत की बदली हुई रणनीति ने उसके मंसूबों को बार-बार नाकाम किया है।
New nexus of Pakistani terrorism: हमास और लश्कर-ए-तैयबा के बीच पाकिस्तान में हुई यह मुलाकात साफ संकेत देती है कि आतंकवाद का वैश्विक नेटवर्क अब और भी खतरनाक रूप ले रहा है। पहलगाम हमले और उसके बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत अब सिर्फ सहने वाला देश नहीं रहा। आने वाले समय में भारत की सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क रहेंगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर भी यह जिम्मेदारी है कि वह पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को पहचानकर उस पर ठोस कार्रवाई करे।

