BY: Yoganand Shrivastva
उज्जैन: सांवराखेड़ी में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन का वातावरण शनिवार को उस समय और खास हो गया, जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र अभिमन्यु और डॉ. इशिता का विवाह 21 अन्य जोड़ों के साथ परंपरागत रीति से सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने अपने पुत्र की शादी आम लोगों के बीच कराकर एक अनोखी मिसाल पेश की।
वरमाला के दौरान बाबा रामदेव की मौजूदगी
विवाह की मुख्य रस्मों के दौरान बाबा रामदेव ने मंच पर पहुंचकर मंत्रोच्चार किए। इसी बीच उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को सम्बोधित करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि “महाराज, आपका विवाह भी इसी तरह सामूहिक सम्मेलन में ही कराया जाएगा।”

राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और संत समाज की उपस्थिति
सम्मेलन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मंत्री तुलसी सिलावट, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी सहित अनेक संत और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।अखाड़ा परिषद की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को सवा लाख रुपए तथा बाबा रामदेव द्वारा पतंजलि पीठ की ओर से एक लाख रुपए देने की घोषणा की गई।
बारात में झूमे सीएम और परिवार के सदस्य
बारात की शुरुआत बेहद उत्साहपूर्ण रही।
सीएम मोहन यादव अपने पुत्र की बारात में परिजनों संग डांस करते नजर आए।
उनकी पत्नी सीमा यादव भी परिवार के साथ बारात में शामिल हुईं।
सीएम के बड़े बेटे की पत्नी तथा अन्य परिजन भी नृत्य करते हुए विवाह स्थल तक पहुंचे।
बारात में केंद्रीय मंत्री सिंधिया भी शामिल रहे और सीएम के साथ बातचीत करते दिखे।
सभी जोड़े एक साथ मंडप में
इस विशाल आयोजन में सभी 22 दूल्हे एक साथ तोरण मारकर मंडप में बैठे।
वरमाला कार्यक्रम के बाद पूरे सम्मेलन में शहनाइयों की मधुर धुन गूंजती रही।
फेरों की व्यवस्था के लिए अलग-अलग 22 मंडप बनाए गए थे।

दूल्हा-दुल्हन के अनुभव
उज्जैन के सागर परमार, जिनका विवाह भी इसी सम्मेलन में हुआ, ने कहा—
“सोचा नहीं था कि विवाह में इतने संत-महात्माओं का आशीर्वाद मिलेगा। घर पर यह संभव नहीं था।”
दुल्हन ज्योति ने कहा—
“सम्मेलन में विवाह होना हमारे लिए सौभाग्य है। यहां की व्यवस्थाएं देखकर लगा ही नहीं कि यह सामूहिक विवाह है।”
सीएम का भावपूर्ण संबोधन
सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी नवविवाहित जोड़ों से मिलकर आशीर्वाद दिया और कहा—
“सभी वर-वधू मेरे अपने बच्चों की तरह हैं। यहां उपस्थित हर व्यक्ति समान है—चाहे वह किसी भी समाज या पेशे से जुड़ा हो।”
धीरेंद्र शास्त्री और अन्य संतों ने प्रशंसा की
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह पहल समाज में एक नई परंपरा स्थापित करेगी और अनावश्यक खर्चों को रोकेगी।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने भी मुख्यमंत्री की इस सोच को अनुकरणीय बताया।
विवाह स्थल की विशेष तैयारी
कार्यक्रम के लिए विशाल डोम बनाया गया था, जिसमें हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था थी।
लगभग पच्चीस हजार लोगों के आने का अनुमान था। भोजन में विविध मिठाइयाँ और पारंपरिक व्यंजन परोसे गए।इसके अलावा वीआईपी और विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग पैंट्री और ग्रीन रूम बने थे।
बैलगाड़ी पर की गई विशेष एंट्री
शुक्रवार को आयोजित कार्निवाल में अभिमन्यु और इशिता बैलगाड़ी पर साथ नजर आए। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।





