धनबाद: कुख्यात गैंगस्टर हैदर अली उर्फ प्रिंस खान के आपराधिक नेटवर्क पर धनबाद पुलिस ने बड़ा प्रहार की है। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस ने प्रिंस खान के लिए ‘स्लीपर सेल’ के रूप में काम कर रहे चार प्रमुख सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर दी। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और सिटी एसपी के नेतृत्व में 6 पुलिस उपाधीक्षक, 7 पुलिस निरीक्षक, 36 पुलिस अवर निरीक्षक और 60 पुलिसकर्मियों को सम्मिलित करते हुए एक विशाल छापेमारी दल का गठन किया गया था। गठित टीम द्वारा 4 नवंबर को अहले सुबह सभी संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी।
तलाशी के क्रम में परवेज खान, सैफ आलम, तौसीफ आलम और इम्तियाज के घर से सत्रह लाख चौंतीस हज़ार नौ सौ रुपये नकद, विभिन्न क्षेत्रों के जमीन से संबंधित 17 कागजात, विभिन्न बैंकों के पाँच पासबुक, चेक बुक, एटीएम/डेबिट कार्ड, एक पिस्तौल और 47 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा बरामद नकदी के वैध स्रोत के संबंध में कोई जानकारी नहीं दिए जाने पर, इसकी गहन जांच के लिए आयकर विभाग को पत्र लिखा गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया है कि वे प्रिंस खान गैंग के सहयोगी सदस्यों के रूप में काम करते थे। ये लोग कारोबारियों को भाई दिखाकर उन्हें सहयोग करते थे, उनके ठहरने और आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराते थे। इसके साथ ही, ये विभिन्न क्षेत्रों के कारोबारियों का मोबाइल नंबर और उनसे संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां हैदर अली उर्फ प्रिंस खान को उपलब्ध कराते थे।
गैंग के सदस्य रंगदारी के रूप में वसूली गई रकम को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी (U.S.T.T.E.) के माध्यम से प्रिंस खान तक पहुंचाते थे। शेष रकम को प्रिंस खान के निर्देश पर बरवाअड्डा-गोविंदपुर और 8 लाइन क्षेत्र में जमीन कारोबार में लगाकर उसे वैध रूप देने का काम करते थे। इस संबंध में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत बैंक मोड़ थाना में कांड दर्ज कर लिया गया है और इसकी जांच की जा रही है।





