Report: Shashank
बालाघाट। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्र, जिसे एमएमसी जोन कहा जाता है, में इस समय लगभग 25 नक्सली सक्रिय बताए जा रहे हैं। बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने सभी नक्सलियों से हिंसा का मार्ग छोड़ने और आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।
एसपी मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश की आत्मसमर्पण नीति देश की सबसे पारदर्शी और लाभकारी नीति है। जो भी नक्सली आत्मसमर्पण करेगा, उसे सुरक्षा, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो अब भी जंगलों में भटक रहे हैं, वे हथियार छोड़कर विकास की राह पर चलें और जीवन का नया अध्याय शुरू करें।
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ — तीन राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में फैला एमएमसी जोन, जहां अब भी करीब 25 नक्सली सक्रिय हैं। लेकिन अब नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कई वरिष्ठ माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
इसी क्रम में बालाघाट की नक्सली महिला सुनीता ने भी पुलिस पर भरोसा जताते हुए आत्मसमर्पण किया। अब वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने सभी नक्सलियों से पुनः अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें, आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाएं और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर शांति और प्रगति का नया जीवन आरंभ करें।





