एक बगिया मां के नाम योजना: MP सरकार दे रही ₹3 लाख तक की मदद, जानिए आवेदन प्रक्रिया

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
एक बगिया मां के नाम योजना

क्या आपके पास आधा एकड़ या उससे ज़्यादा जमीन है? क्या आप घर की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं? तो मध्यप्रदेश सरकार की ‘एक बगिया मां के नाम योजना’ आपके लिए सुनहरा मौका है। इस योजना के तहत महिलाएं अपनी जमीन पर फलदार पौधों का बगीचा लगाकर अच्छी आमदनी कर सकती हैं, और सरकार इसमें ₹3 लाख तक की सहायता देगी।


🌱 योजना की मुख्य बातें

विशेषताविवरण
योजना का नामएक बगिया मां के नाम योजना
शुरुआत की तारीख15 अगस्त 2025
आवेदन की अंतिम तिथि15 जुलाई 2025
लाभार्थीस्वयं सहायता समूह की महिलाएं
सहायता राशिअधिकतम ₹3 लाख
पौधे50 फलदार पौधे (आधा एकड़ में)
आवेदन माध्यमएक पेड़ मां के नाम ऐप या पंचायत ऑफिस

💡 योजना का उद्देश्य क्या है?

  • फल उत्पादन को बढ़ावा देना
  • ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना
  • खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग करना
  • जैविक खेती को प्रोत्साहित करना

🌳 मिलेगा पौधों से पूरा समर्थन

सरकार निम्नलिखित सहायता देगी:

  • 50 फलदार पौधे लगवाने की व्यवस्था (आधा एकड़ में)
  • गड्ढे खुदवाने और पौधों की खरीद का खर्चमनरेगा से
  • तार फेंसिंग की व्यवस्था
  • 5,000 लीटर का जल कुंड
  • 3 साल तक देखरेख और जैविक खाद का खर्च

👩‍🌾 कौन ले सकता है योजना का लाभ?

पात्रता शर्तें:

  • महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य होनी चाहिए
  • कम से कम 0.5 एकड़ और अधिकतम 1 एकड़ जमीन होनी चाहिए
  • अगर जमीन महिला के नाम नहीं है तो पति, पिता, ससुर या बेटे के नाम की जमीन पर सहमति पत्र के साथ आवेदन किया जा सकता है

📱 ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

स्टेप बाय स्टेप गाइड:

  1. डाउनलोड करें – अपने मोबाइल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ ऐप डाउनलोड करें (Google Play Store पर उपलब्ध)
  2. नया रजिस्ट्रेशन करें – नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, और स्वयं सहायता समूह की जानकारी भरें
  3. जमीन की जानकारी दें – खसरा नंबर, क्षेत्रफल और मालिकाना विवरण भरें
  4. सहमति पत्र अपलोड करें – यदि जमीन महिला के नाम पर नहीं है
  5. पौधों का चयन करें – SIPRI सॉफ्टवेयर से आपकी मिट्टी और जलवायु के अनुसार सुझाव मिलेगा
  6. दस्तावेज़ अपलोड करें – आधार कार्ड, सदस्यता प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात
  7. सबमिट करें – आवेदन भेजें और रजिस्ट्रेशन नंबर को सुरक्षित रखें
  8. एप्लिकेशन स्टेटस चेक करें – ऐप के भीतर से ही आवेदन की स्थिति जानें

📝 ऑफलाइन आवेदन का विकल्प

अगर आपके पास स्मार्टफोन नहीं है या ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो आप अपने नजदीकी:

  • पंचायत कार्यालय
  • या राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के दफ्तर में जाकर आवेदन कर सकते हैं। वहां के अधिकारी आपकी मदद करेंगे।

📊 कुछ और महत्वपूर्ण बातें

  • पहले साल सिर्फ 3000 महिलाओं को योजना में शामिल किया जाएगा
  • हर ब्लॉक से 100 महिलाओं को चुना जाएगा
  • पौधों और मिट्टी के चयन के लिए SIPRI सॉफ्टवेयर का उपयोग होगा
  • हर 25 एकड़ पर एक कृषि सखी नियुक्त की जाएगी
  • ड्रोन और सैटेलाइट से निगरानी की जाएगी

🧾 जरूरी दस्तावेजों की सूची

  • आधार कार्ड
  • स्वयं सहायता समूह की सदस्यता प्रमाणपत्र
  • जमीन के कागजात
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • सहमति पत्र (यदि जमीन खुद के नाम नहीं है)

📅 अंतिम तारीख याद रखें

आवेदन की अंतिम तिथि है: 15 जुलाई 2025
एक बार चूक गए, तो अगला मौका अगले साल ही मिलेगा!


💬 निष्कर्ष: आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम

एक बगिया मां के नाम योजना’ केवल एक बाग लगाने की योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों में आय का एक नया रास्ता खोलने की एक कोशिश है। यदि आप एमपी की ग्रामीण महिला हैं और अपनी जमीन से कमाई करना चाहती हैं, तो यह योजना आपके लिए है।


📢 हमारी सलाह

  • आवेदन जल्द करें, क्योंकि सीमित सीटें हैं
  • सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें
  • जरूरत हो तो पंचायत या NRLM कार्यालय से संपर्क करें

🔗 अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहिए

👉 हमारे ब्लॉग को बुकमार्क करें
👉 पोस्ट को शेयर करें ताकि ज़्यादा महिलाएं इसका लाभ उठा सकें
👉 नई सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें


🧡 “किसान भारत की जान है, महिलाएं देश की शान हैं। जब दोनों आत्मनिर्भर होंगे, तभी गांव और देश आगे बढ़ेगा।”

German investment in UP : जर्मनी की कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश का जताया भरोसा

रिपोर्ट- वंदना रावत German investment in UP : जर्मनी/लखनऊ, 23 फरवरीः मुख्यमंत्री

Village Discipline Rule: बालोद के मेढ़की गांव में चुगली पर 5,001 रुपये का जुर्माना

Village Discipline Rule: एक-दूसरे को भड़काने वालों पर आर्थिक दंड, सर्वसम्मति से

Kurukshetra में किसानों का 3 दिवसीय महापड़ाव, बिजली बिल माफी और मुआवजे की मांग, सीएम आवास घेराव का ऐलान

Kurukshetra: कुरुक्षेत्र के ताऊ देवीलाल पार्क में प्रदेशभर से आए हजारों किसान

Caste Certificate Controversy: प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र पर विवाद

Caste Certificate Controversy: जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने सुनवाई का अधिकार माना,